बुलंदशहर। डिबाई कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी का अपहरण करने के चार आरोपियों को एडीजे पॉक्सो एक्ट संजय कुमार यादव के न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। साथ ही उन्हें पांच-पांच वर्ष का कारावास व 11-11 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। जबकि, इस प्रकरण में दुष्कर्म के आरोपी की पत्रावली पृथक चल रही है।
28 अगस्त 2014 को कोतवाली डिबाई में वादी पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि आरोपी रजनी, चंद्रप्रकाश सिंह निवासी गांव पला कसेर डिबाई, छोटेलाल सिंह और छोटे की पत्नी कमलेश निवासी मंडी हरदेव डिबाई ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने की घटना को अंजाम दिया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 4 नवंबर 2014 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया। इस अभियोग को ऑपरेशन कन्विशन के अंतर्गत चिन्हित करते हुए मॉनीटरिंग सेल ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी कराते हुए अभियोजन की कार्रवाई संपन्न कराई गई।
न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ नौ गवाह पेश किए गए। न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।
न्यायाधीश ने चारों अभियुक्त रजनी, चंद्रप्रकाश, छोटेलाल एवं कमलेश को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई है। अभियुक्ता रजनी, छोटेलाल व चंद्रप्रकाश पर 11-11 हजार रुपये तथा अभियुक्ता कमलेश पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जबकि, मामले में एक अन्य आरोपी जिस पर दुष्कर्म का भी आरोप है कि उसकी पत्रावली को पृथक किया गया है। संवाद