बुलंदशहर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष पर एक करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगा है। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष की शिकायत पर एसएसपी के आदेश पर नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर पूर्व बार अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने कार्रवाई को अवैध बताते हुए सोमवार को एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह राघव ने बताया कि रिकॉर्ड का अवलोकन किया गया, जिसमें बार एसोसिएशन के फंड के दुरुपयोग, गबन और दस्तावेजों में हेरफेर सामने आई है। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास होने के बाद इस प्रकरण की जांच सीए से कराई गई। इसकी मूल रिपोर्ट के आधार पर पता चला कि पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा, महासचिव पवन कुमार निम और कोषाध्यक्ष अमन कुमार गुप्ता ने 6 जनवरी 2024 से 24 अप्रैल 2025 तक आपसी साज व षड्यंत्र करके दस्तावेजों में फर्जी बिल लगाए और बार के धन को अपने-अपने निजी हित में खर्च कर एक करोड़ से अधिक की धनराशि का गबन किया।
वर्तमान अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तत्कालीन अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने बिना किसी टेंडर प्रक्रिया या वैध अनुबंध के अपने पुत्र को वाई-फाई लगाने के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया। जबकि उस समय डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध ही नहीं थी। इसके अलावा पूर्व पदाधिकारियों ने अपने नजदीकी मित्रों और रिश्तेदारों को बिना किसी जीएसटी बिल व एग्रीमेंट के चेक और सीधे खातों के माध्यम से लाखों रुपये ट्रांसफर किए। इससे बार एसोसिएशन को सीधे तौर पर एक करोड़ से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।
उन्होंने यह भी आरोप है कि पूर्व पदाधिकारियों ने अपने कार्यकाल का मूल कार्यवाही रजिस्टर (मिनट बुक) डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में जमा कराने के बजाय जबरन अपने कब्जे में रख लिया। आम सभा (जनरल बॉडी) के प्रस्ताव के बिना ही बार एसोसिएशन की एफडीआर को तुड़वाकर धनराशि निकाल ली गई और उसका गबन किया गया। इसके साथ ही पूर्व पदाधिकारियों ने नियमों के विरुद्ध जाकर बार एसोसिएशन के हॉल के ऊपर एक अवैध हॉल का निर्माण कराया, जिससे संस्था की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा।
कार्रवाई अवैध बताकर एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन
पूर्व बार अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने कार्रवाई को अवैध बताया। उन्होंने सोमवार को साथियों के साथ एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बार के हॉल का निर्माण चैंबर की एवज में प्राप्त धनराशि से कराया गया है। वाईफाई के लिए चार लोगों ने टेंडर डाला था। सबसे कम टेंंडर जिसका था उसको दिया गया। बार के धन का प्रयोग कमेटी की स्वीकृति और अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से किया जाता है, दुरुपयोग के आरोप गलत हैं। कहा कि बार अध्यक्ष को उनके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है, इस संबंध में केवल बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को ही कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने मामले की जांच करने और एफआईआर को निरस्त करने की मांग की।
नियमानुसार की गई है कार्रवाई : राघव सुमन
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा, महासचिव पवन कुमार निम, कोषाध्यक्ष अमन कुमार गुप्ता पर नियमानुसार कार्रवाई हुई है। जांच में तथ्य प्रकाश में आ जाएंगे। मैंने कार्रवाई के लिए जो तहरीर दी थी, उसपर पुलिस ने विधिवत जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। - सुमन कुमार सिंह राघव अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन
विधिक अभिमत के बाद दर्ज हुआ मामला : एसएसपी
प्राथमिक जांच व विधिक अभिमत के बाद मामला दर्ज किया गया गया है। जांच के दौरान सभी पक्षों को सुना जाएगा।- दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी