ज्ञानलोक कालोनी के उपभोक्ता शुक्रवार को मऊखेड़ा स्थित सरकारी राशन की दुकान पर राशन और केरोसिन लेने पहुंचे। मगर वहां दुकानदार और उपभोक्ताओं के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते संघर्ष में बदल गई।
करीब तीन घंटे तक चले इस संघर्ष की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लाठी भांजते हुए उन्हें खदेड़ते हुए कई को पकड़ लिया। मामला थाने में पहुंच गया और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए तहरीर दी, जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ज्ञानलोक कालोनी निवासी आनंद स्वरूप, राज सिंह, मुन्नी देवी, गीता, माया और प्रेममूर्ति आदि ने बताया कि उन्हें राशन ज्ञानलोक कालोनी में बनी सरकारी राशन की दुकान से मिल जाता था। पिछले माह कालोनी की दुकान निलंबित हो गई और दुकान को मऊखेड़ा स्थित दुकान से अटैच कर दिया।
कालोनी के लोगाें ने दूसरी दुकान अलाट करवा ली है। जब वह शुक्रवार को मऊखेड़ा दुकान पर राशन-केरोसिन लेने गए तो दुकानदार ने गाली-गलौच करनी शुरू कर दी और उनके राशन कार्ड भी फाड़ दिए। ग्राम प्रधान मदन सिंह भी मौके पर पहुंच गए मगर दुकानदार और साथियों ने गोली मारने की धमकी दी।
इस पर कहासुनी हो गई, जो बाद में संघर्ष का रूप धारण कर गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लाठी भांजते हुए खदेड़ना शुरू कर दिया। जब पुलिस को सफलता नहीं मिली तो कई को पकड़ लिया और महिलाओं ने उन्हें छुड़ाने का प्रयास किया तो उन पर भी लाठी भांजनी शुरू कर दी।
आनंद स्वरूप ने बताया कि उन्होेंने नगर कोतवाली में तहरीर दे दी है। जबकि मऊखेड़ा के दुकानदार ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उधर, पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने जांच शुरू कर दी है। मगर, डीएसओ केबी सिंह इस पूरे मामले से अनभिज्ञ हैं। उनका कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है।