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Bulandshahar News: बाढ़ जैसे हालात, आठ गांवों में फसलें डूबीं, सड़कों पर भरा पानी

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अनूपशहर क्षेत्र के खेतों व संपर्क मार्ग पर भरा गंगा का पानी । संवाद
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अहार/अनूपशहर/नरौरा। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। आठ गांवाें की फसलें डूब गई हंै और खादर के संपर्क मार्गों पर भी पानी भर गया है। अनूपशहर क्षेत्र में आबादी में भी पानी पहुंच गया है। मस्तराम घाट भी डूब गया है। नरौरा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से घाटों की ओर न जाने की अपील की है। बिजनौर बैराज से 2.68 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा के तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है। अनूपशहर में स्थित मस्तराम घाट, जो क्षेत्र का सबसे बड़ा गंगा घाट है, का प्लेटफॉर्म पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से अनूपशहर तहसील के गंगा किनारे बसे आठ गांवों रूड बांगर, शेरपुर बांगर, हसनपुर, सिरोरा, बच्ची खेड़ा और तोरई समेत अन्य के खादर क्षेत्र से पानी खेतों में पहुंच गया। किसानों की फसलें पानी में डूब चुकी हैं।
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खेतों में पानी भरने से चारे की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। सिरोरा गांव अखतर, रमजानी, दौलतराम, सोहनपाल ने बताया कि मक्का, बाजरा, ज्वार फसलों में पानी घुस गया है। इससे पशुओं के लिए चारे की दिक्कत हो रही है। अधिकतर खेतों के रास्ते में घुटनों से ऊपर पानी घुस गया है, इससे पानी में जाने में डर लग रहा है।
गांव बच्चीखेड़ा निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि खादर के मार्गों पर तीन से चार फीट पानी भरने के कारण किसान खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिन किसानों के खेतों में पानी भरा हुआ है, उसका सर्वे कराकर आर्थिक सहायता दी जाए। अहार क्षेत्र के गांव चांसी निवासी किसान हरेंद्र, मुकेश, धीरज और फतेहपुर मढैया निवासी किसान हरकेश और दिनेश ने बताया कि खेतों में दो मीटर तक पानी भरने से किसानों के सामने दिक्कत बनी हुई है।
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नगर पालिका ने जारी किया अलर्ट : प्रशासन द्वारा खादर के सभी किसानों को गंगा की ओर खेती न करने और न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। नगर पालिका द्वारा अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को गंगा घाटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल ने बताया कि बढ़े हुए जलस्तर के मद्देनजर अनूपशहर तहसील में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी लेखपालों की तैनाती कर दी गई है और पांच बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। गंगा घाट पर नाविकों और गोताखोरों की ड्यूटी लगाई गई है।
सिंचाई विभाग के जेई उमेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह बिजनौर बैराज से 2.68 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि फिलहाल कहीं कोई घबराने वाली स्थिति नहीं है। वहीं, दूसरी ओर डीएम श्रुति के निर्देश पर एडीएम वित्त अभिषेक कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा के बढ़े जलस्तर से डीएम को अवगत करा दिया है।
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