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पांच पशु सेवा केंद्रों पर वर्षो से नहीं है चिकित्सक तैनात

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पांच पशु सेवा केंद्रों पर वर्षों से नहीं हैं चिकित्सक
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सिकंदराबाद। तहसील क्षेत्र के पांच पशु सेवा केंद्रों पर वर्षों से पशु चिकित्सक तैनात नहीं हैं। ऐसे में पशुपालकों को अपने पशुओं का उपचार कराने के लिए भटकना पड़ा रहा है। कई बार पशुपालक किसी अप्रशिक्षित चिकित्सक से पशुओं का उपचार करवाते हैं, जो महंगा होने के साथ ही पशुओं के लिए घातक साबित हो रहा है।
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क्षेत्र के एनसीआर से सटा होने के कारण दुग्ध व्यापार के लिए खेती के साथ पशु पालन भी बड़े स्तर पर किया जाता है। किसानों के अलावा गांव में रहने वाले अन्य लोग भी पशु पालन करते हैं। तहसील क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख से अधिक पशुओं को पाला जा रहा है। बावजूद इसके तहसील क्षेत्र के पांच पशु सेवा केंद्रों पर वर्षों से पशु चिकित्सक तैनात नहीं हैं। पशुओं के बीमार होने पर पशुपालकों को मीलों दूर सिकंदराबाद पशु चिकित्सालय आना पड़ता है। जिसके चलते उनका पूरा दिन खराब होता है। अन्यथा उन्हें अपने पशुओं के उपचार के लिए किसी अप्रशिक्षित चिकित्सक के पास जाना पड़ता है। जो महंगा होने के साथ ही पशुओं के लिए धातक भी होता है। अप्रशिक्षित चिकित्सक के गलत उपचार के कारण कई बार तो पशुओं की मौत तक हो जाती है या पशु बांझपन समेत अन्य बीमारी के शिकार हो जाते हैं। इसके चलते पशु पालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। गौरतलब है कि तहसील क्षेत्र के गांव दुल्हैरा, सरायघासी, इस्माइलपुर, मेहताबनगर, सावली और वैर में पशु सेवा केंद्र स्थापित हैं, लेकिन मात्र दुल्हैरा पशु सेवा केंद्र पर ही चिकित्सक की तैनाती है। वहीं पशु चिकित्सालय सिकंदराबाद में भी कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में बारिश के मौसम में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने और उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए पशु पालक चिंतित हैं। बरसात के मौसम में गलाघोंटू , खुरपका , मुंहपका जैसे भयंकर रोग पशुओं में फैलते हैं। जिनसे पशुओं की समय पर उपचार न मिलने से मौत भी हो जाती है। चिकित्सालय में चिकित्सकों की तैनाती न होने पर पशुपालकों में रोष है। सिकंदराबाद के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. ब्रजवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में गला घोटू रोग की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। रिक्त पशु सेवा केंद्र पर तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। पशुओं में टीकाकरण के लिए प्रत्येक गांव में वैक्सीनेटर और हेल्पर का चयन किया जा रहा है। जिससे पशुओं के उपचार में मदद मिलेगी।
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