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Bulandshahar News: डीएम अंकल! बहन मर गई, अस्पताल में भर्ती मम्मी-पापा को बचा लीजिए

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बुलंदशहर। छह हजार की आबादी वाले गांव क्योली खुर्द में 20 दिन के अंदर बुखार से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। दो हजार से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव में ऐसा कोई घर नहीं बचा है, जहां बुखार पीड़ित न हों। दो दिन पहले बुखार से मौत की शिकार हुई शालू के माता-पिता भी बुखार से पीड़ित हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शालू के भाई साइलोक गौतम ने जिलाधिकारी से अपने मम्मी-पापा को बचाने की गुहार लगाई है।
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गांव प्रधान राजकुमार सिंह भी बीमार हैं। गांव पहुंची अमर उजाला की टीम को उनके बेटे सौरभ ने बताया कि खुर्जा में उपचार चल रहा है। गांव के 10 से अधिक घरों में ताला लटका मिला। गांव के लोगों ने बताया कि इन घरों के ज्यादातर लोग बुखार से पीड़ित हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी सदस्य उनकी तीमारदारी में हैं। घर देखने वाला कोई नहीं बचा, इसलिए ताले लगे हुए हैं। बुधवार की रात में गांव निवासी सत्यवती की अलीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। सत्यवती के बेटे अनिल कुमार ने बताया कि पिता सत्यपाल सिंह, बहन सुनीता, दादा भूदेव सिंह भी बीमार हैं। दादी हरदेई को घर पर ही डि्रप चढ़ाई जा रही है।
गांव की बीए की छात्रा शालू की मंगलवार को मौत हो गई थी। शालू की ताई बबीता ने बताया कि परिवार के 10 से अधिक लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने आई थी। सभी को एक जैसी दवाई दे दी। किसी को उससे आराम नहीं हुआ। गांव के अनिल कुमार ने बताया कि गांव में अधिकतर लोगों के हाथ में कैनुला लगा हुआ है। गांव के हालात को देखते हुए वह अपने बच्चों को ससुराल छोड़ आए हैं।
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गांव के रनवीर सिंह ने बताया कि उनके छोटे भाई चंद्रबॉस की पत्नी रबिता भी बुखार से चल बसी। उसकी मौत के बाद से ही चंद्रबॉस दोनों मासूम बच्चों को लेकर ससुराल चला गया। बनी सिंह ने बताया कि उनके परिवार में 10 लोग बीमार हैं। निजी अस्पताल से दवा लेकर आए हैं। सरकारी अस्पताल की दवा से कोई फायदा नहीं हुआ। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी तक ब्लड की जांच रिपोर्ट भी नहीं दी है। अमर सिंह ने बताया कि उनके परिवार में आठ लोग बीमार हैं, किसी को सरकारी दवा से आराम नहीं मिला।
ग्रामीणों का आरोप, हर मर्ज की एक ही दवा
महिला राजवती, सुनीता और बबीता ने बताया कि गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी को एक जैसी दवा देकर गई है। बच्चों और बुजुर्गाें को भी एक जैसी ही दवा दी गई है। उस दवा से किसी को फायदा नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से गांव में सही दवा दिलाने की गुहार लगाई है।



स्वास्थ्य विभाग की टीम का विरोध
शुक्रवार को क्योली खुर्द पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सही दवा नहीं दी जा रही है। अभी तक ब्लड की जांच रिपोर्ट नहीं दी गई है। राजपाल और श्यामपाल ने कहा कि इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग की टीम को नियमित रूप से गांव में जांच के लिए भेजा जा रहा है। सीएमओ को भी स्थिति जांचने के लिए भेजा गया है। जिस बच्चे ने माता-पिता के उपचार के लिए गुहार लगाई है। उन्हें अस्पताल में जाकर स्वयं देखूंगा और उनकी हर संभव मदद कराई जाएगी। साथ ही सफाई व्यवस्था के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिए हैं। - सीपी सिंह, जिलाधिकारी

मरीज की जरूरत के हिसाब से दवा दी जा रही है। जिन लोगों को बुखार है उनको बुखार की, जिनको टायफाइड है उनको टायफाइड की ही दवा दी जा रही है। अधिकतर लोगों को वायरल है, उसको ठीक होने में करीब एक सप्ताह लगता है। इस कारण कुछ लोग असंतुष्ट हैं। मेरठ से जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को दे दी जाएगी। - डाॅ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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