औरंगाबाद। औरंगाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में एलएमसी की भूमि पर हुए अतिक्रमण का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने अतिक्रमण को ध्वस्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं। हरकत में आए नगर पंचायत प्रशासन ने करीब 20 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए हैं। पांच अतिक्रमण पर लाल निशान लगाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
एडवोकेट प्रदीप कुमार लोधी ने औरंगाबाद-जहांगीराबाद मार्ग स्थित गाटा संख्या 1758 पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लेते हुए माना कि जिस जगह औरंगाबाद-जहांगीराबाद मार्ग का निर्माण हुआ है। उसी जगह पर अतिक्रमणकारियों ने नगर पंचायत प्रशासन की मिलीभगत से एलएमसी भूमि पर अवैध रूप से दुकानें और मकान बनाकर निर्माण कर लिया है।
आठ व नौ मई को हाईकोर्ट ने औरंगाबाद नगर पंचायत प्रशासन को पांच पक्के निर्माण कार्यों को ध्वस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए है। ईओ सेवाराम राजभर, इंस्पेक्टर औरंगाबाद मोहम्मद असलम, कार्यवाहक बाबू किशोरी लाल व कार्यवाहक टैक्स कलेक्टर नेमपाल सिंह ने सोमवार को उन स्थानों पर पहुंचे, जहां पर अतिक्रमण है। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बुधवार से पहले अतिक्रमणकारी स्वयं अतिक्रमण हटा लें, वरना बुधवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
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नगर पंचायत के दो कर्मचारी भी हैं अतिक्रमण में शामिल
जिन 20 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया है उनमें से दो नगर पंचायत के कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें एक नेमपाल सिंह जो नपा में कार्यवाहक टैक्स कलेक्टर के पद पर है, जबकि दूसरे कर्मचारी गुरमुख है जो सफाई कर्मचारी हैं। इनको भी एलएमसी भूमि से अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया है।
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कोट
हाईकोर्ट के आदेश पर सभी कब्जाधारकों को अंतिम नोटिस दे दिया गया है। पांच अतिक्रमण ऐसे ध्वस्त होंगे, जिन्होंने एलएमसी भूमि पर दुकान ओर मकान बना लिए हैं। बुधवार को पुलिस ओर तहसील की टीम के साथ मिलकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। निर्माण ध्वस्त करने में जो भी खर्चा होगा। उसे अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। - सेवाराम राजभर, ईओ, नगर पंचायत औरंगाबाद।