बुलंदशहर। नरसेना के गांव कमालपुर स्थित दादा दिवस शाह की मजार पर तोड़फोड़, आगजनी और बलवा करने वाले पांच अभियुक्तों को एडीजे-एफटीसी तृतीय शिवानंद के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने सभी दोषियों को पूर्व में जिला कारागार में बिताई गई समयावधि का कारावास व सभी को कुल मिलाकर 90 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
वादी मुकदमा मोहम्मद जलालुद्दीन निवासी गांव कमालपुर ने मुख्यमंत्री से वर्ष 2007 में शिकायत की थी। जिसमें सीएमओ कार्यालय से आदेश के बाद नरसेना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। शिकायत में वादी ने बताया था कि वह गांव स्थित दादा दिवस शाह की मजार पर करीब सात-आठ वर्षों से सेवा व साफ सफाई कर रहा है। मजार पर जनपद के अलावा अन्य दूर दराज से भी काफी संख्या में लोग आते हैं। यहां की शोहरत को देखकर गांव के ही कुछ लोग पीड़ित से रंजिश रखते हैं। 21 जून 2007 को मजार पर गांव निवासी कुछ दबंग प्रवृत्ति के आरोपी लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और पीड़िता को वहां से भगाने लगे।
इस संबंध में पीड़ित की शिकायत पर थाना पुलिस ने एक ही आरोपी चंद्रपाल के खिलाफ मामूली कार्रवाई की। इसके बाद 5 जुलाई 2007 को आरोपियों ने फिर से मजार में तोड़फोड़ कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। वहां रखे धार्मिक ग्रंथ को भी फूंक दिया। साथ ही पीड़ित को भी पीटकर घायल कर दिया। आरोपियों ने मौके पर बलवा कर दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी अमरपाल, चंद्रपाल, मोमराज, सतपाल और रामसरन समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही पांचों आरोपियों को जेल भेजने के बाद जांच पूरी कर सभी पांचों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी। न्यायालय ने अब सभी अभियुक्तों को दोषी मानते हुए उन्हें पूर्व में जेल में बिताई अवधि का कारावास व अभियुक्त अमरपाल, चंद्रपाल और मोमराज को दस-दस हजार का अर्थदंड व सतपाल को 40 हजार व रामसरन पर 20 हजार का अर्थदंड लगाया है।