इलाज के दौरान महिला की मौत के मामले में नामजद चिकित्सकों के नाम एफआईआर से हटाने के अलावा सभी मांगे पूरी होने पर चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है। हड़ताल खत्म होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को शिकारपुर बाईपास स्थित हेरीटेज हास्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला ने दम तोड़ दिया था। इससे गुस्साए परिजनों ने चिकित्सक डॉ. संजीव यादव के साथ मारपीट कर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 ए में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद गुस्साए आईएमए चिकित्सक हड़ताल पर चले गए थे।
इसके बाद पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर आ गया। पुलिस प्रशासन ने कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया, लेकिन डॉक्टर हड़ताल पर अड़े रहे। इसके बाद मामले की जांच सीएमओ को सौंपकर धारा 304 ए हटाने की भूमिका रखी गई। सोमवार रात करीब आठ बजे एसएसपी और आईएमए पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई।
जिसमें पुलिस ने आईएमए की तीनों मांगों को मानने का आश्वासन दिया। एसएसपी के आश्वासन पर आईएमए ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया। आईएमए के डॉ. एमएम अग्रवाल ने बताया कि एसएसपी ने तीनों मांगों को मानने का आश्वासन दिया है।
आरोपियों के खिलाफ मेडिकल एक्ट 2003 की धारा तीन के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा चिकित्सक डॉ. संजीव यादव के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट से धारा 304 ए को हटाया जाएगा। पुलिस ने कई आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
मरीजों को मिली बड़ी राहत
पिछले चार दिनों से चल रही आईएमए की हड़ताल खत्म होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। पिछले चार दिनों से आईएमए की हड़ताल के कारण निजी अस्पतालों पर ताला लटका हुआ था।
हड़ताल खत्म होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। निजी अस्पतालों में इलाज नहीं मिलने से मरीजों को जिला अस्पताल का रुख करना पड़ रहा था। अब निजी अस्पतालों पर इलाज मिलने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
एसएसपी से वार्ता के बाद हड़ताल को खत्म कर दिया गया है। एसएसपी ने आईएमए की तीनों मुख्य मांगों को मानने का आश्वासन दिया है। डॉ. प्रदीप मलिक, अध्यक्ष, आईएमए