डीएम ने बैठक में एक्सईएन नलकूप का झूठ पकड़ लिया। दरअसल, एक्सईएन ने गोद लिए जिस गंगा किनारे के गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक करने का दावा किया था, हकीकत में वह गांव में गए ही नहीं थे। जब झूठ पकड़ा गया तो एक्सईएन ने कोर्ट में तारीख होने की बात कहकर बचने की कोशिश की। डीएम ने एक्सईएन को फटकार लगाते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है।
बता दें कि एक्सईएन नलकूप ने गंगा किनारे बसे गांव महाराजपुर को गोद लिया था। डीएम के आदेश के क्रम में एक्सईएन को गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को खुले में शौच के प्रति जागरूक करना था, मगर एक्सईएन गांव ही नहीं पहुंचे। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि 30 गांवों में स्वच्छता अभियान को लेकर आयोजित बैठक में एक्सईएन नलकूप ने दावा किया कि वह गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक कर चुके हैं।
डीएम को शक हुआ तो जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि एक्सईएन गांव अभी तक नहीं पहुंचे। झूठ पकड़े जाने पर एक्सईएन ने अधीनस्थ अफसर को गांव भेजने की बात कही। बाद में एक्सईएन ने बताया कोर्ट में तारीख होने के कारण गांव नहीं जा सके।