लू चलने और पारा चढ़ने से बच्चोें की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। मासूम बुखार और डायरिया की चपेट में है। आलम यह है कि जिला अस्पताल के चाइल्ड केयर यूनिट में एक बेड पर दो-दो बच्चों का उपचार किया जा रहा है। बुखार और डायरिया के बढ़ते दायरे को देखते हुए सीएमओ ने हेल्थ एडवाइजरी जारी कर दी है।
जिला अस्पताल की चाइल्ड केयर यूनिट में बच्चों को भर्ती करने तक की जगह नहीं है। रविवार को अवकाश होने के बावजूद इमरजेंसी वार्ड में परिजन बुखार व डायरिया से पीड़ित बच्चों की जांच को पहुंचे।
सीएमओ डा. केएन तिवारी ने बताया कि एक पखवाड़े पहले जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में 125-150 बच्चे आ रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, उसी क्रम से बाल रोगियों की संख्या में इजाफा होने लगा है।
आलम यह है कि मौजूदा हाल में जिला अस्पताल मेें हर रोज औसतन 250 से 300 मरीजों की जांच की जा रही है। गंभीर हालत को देखकर हर रोज कई बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज बुखार और डायरिया की चपेट में हैं। हालात यदि नहीं बदले तो आने वाला समय मासूमों की सेहत के लिए ठीक नहीं होगा।
इसी को देखते हुए सीएमओ ने जिले में हेल्थ एडवाइजरी जारी कर दी है। सीएमओ ने दावा किया है कि सभी अस्पतालों में ओआरएस पाउडर और बुखार डायरिया की दवाइयां भिजवा दी गई है। वहीं सूत्रों का दावा सीएमओ के दावे को झूठा बताता है। अस्पतालों में ओआरएस घोल की जबरदस्त कमी है। दवाओं का भी भरपूर स्टॉक अस्पतालों में नहीं है।