आज से शुरू होगा पंच महोत्सव, 22 साल बाद बन रहा खास योग
बुलंदशहर। दिवाली का त्योहार धनतेरस से शुरू हो जाएगा, जो भैयादूज तक जारी रहेगा। पांच दिन मनाया जाने वाला त्योहार इस बार छह दिन मनाया जाएगा। इसको लेकर सभी घरों में तैयारियां चल रहीं हैं। घरों को आकर्षक साज-सज्जा देने का काम अंतिम दौर में है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार पांच दिन चलने वाले महोत्सव की शुरूआत धनतेरस से होगी। इस बार धनतेरस पर तीन योग एक साथ पड़ने से ये महोत्सव अपने आप में खास है। सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग धनतेरस के महत्व को और बढ़ा रहे हैं। साथ ही धनतेरस आज और कल दोनों दिन मनाई जाएगी।
श्री द्वादश महालिंगेश्वर सिद्धमहापीठ के आचार्य मनजीत धर्मध्वज ने बताया कि प्रतिवर्ष दिवाली त्योहार पंच महोत्सव के नाम से जाना जाता है। लेकिन इस बार धनतेरस दो दिन पड़ रही है। धनतेरस का शुभ योग 23 अक्तूबर को है। साथ ही नरक चतुर्दशी और दिवाली 24 अक्तूबर को एक ही दिन मनाई जाएगी। इसके चलते इस बार दिवाली त्योहार छह दिन तक रहेगा। वहीं पंडित कैलाश चंद ने बताया कि दिवाली का त्यौहार पांच दिन तक चलता है। धनतेरस या धन त्रयोदशी से शुरू होकर भाई दूज पर समाप्त होता है। दिवाली के पांच दिन 22 अक्टूबर से शुरू होंगे और 27 अक्टूबर को समाप्त होंगे। इस दौरान 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण होने के कारण शुभ कार्यों पर रोक रहेगी।
इस बार बनेगी महालक्ष्मी की कृपा
पंडित राज शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान धनवंतरी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार धनतेरस 22 और 23 तारीख को पड़ रही है। लेकिन खास योग 23 अक्तूबर को बनने के कारण 23 अक्तूबर को धनतेरस मनाई जाएगी। इसके साथ धनतेरस प्रदोष व्रत और हनुमान जयंती का संयोग भी एक साथ पड़ रहा है। ऐसा संयोग करीब 27 वर्षों बाद आया है। इससे लोगों पर महालक्ष्मी की कृपा बनेगी। बताया कि त्रयोदशी यानी धनतेरस 22 अक्तूबर की शाम 6:01 से 23 अक्तूबर की शाम 6:02 तक रहेगी। छोटी दीवाली 23 अक्तूबर शाम 6:02 से 24 अक्तूबर की शाम 5:26 तक रहेगी। बड़ी दिवाली 24 अक्तूबर शाम 5:26 से 25 अक्तूबर की शाम 4:17 तक रहेगी। 25 को सूर्य ग्रहण है जो शाम के 4:29 से 6:26 तक रहेगा। ग्रहण के सूतक 25 अक्तूबर की सुबह 4:29 से ही लग जाएंगे। इसलिए 25 को पूरे दिन सूतक और शाम को ग्रहण के कारण यह दिन रिक्त रहेगा। इस दिन गोवर्धन नहीं मनाया जाएगा। 26 अक्तूबर की सुबह से दोपहर तक प्रतिपदा यानी पड़वा रहेगी। गोवर्धन यानी प्रतिपदा 26 अक्तूबर सुबह से 2:41 तक रहेगी। इसके बाद भैयादूज का त्योहार 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा। भैयादूज 26 अक्तूबर दोपहर 02:41 से शुरू होकर 27 अक्तूबर दोपहर 12:44 बजे तक रहेगी।