काहिरा में बुखार के डर से कई परिवारों ने गांव छोड़ा
बुलंदशहर। काहिरा गांव में बुखार का प्रकोप जारी है। 100 से अधिक लोग बीमार हैं। पिछले एक महीने में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार के डर से लोग अब गांव छोड़ने लगे हैं। कई परिवार गांव से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं। उनके घरों पर अब ताला लटका हुआ है।
बुधवार को अमर उजाला की टीम ने गांव काहिरा में जाकर बुखार का हाल जाना तो हालात बदतर मिले। गांव में उदय प्रकाश, दिनेश, कंछी मास्टर के घर पर ताला लटका मिला। घरों पर ताला लटकने के बारे में जानकारी की गई तो ग्रामीणों ने बताया कि बुखार के डर से लोग दूसरी जगह चले गए हैं। गांव के प्रकाशी, नीरज, कुंवरपाल, महेंद्र सिंह, बत्तोदेवी, जगराम और सुभाष के घर पर भी ताला लटका हुआ मिला। ऐसे ही कुछ अन्य मकानों में ताला लगा हुआ पाया गया। इनमें कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपनों का इलाज कराने दूर-दराज गए हुए हैं। कुछ परिवारों के सदस्य बाहर रोजी-रोजगार कर रहे हैं, बुखार फैलने के बाद बाकी सदस्य भी गांव छोड़कर उनके पास चले गए।
गांव के पूर्व प्रधान जगवीर सिंह, श्यौराज सिंह ने बताया कि एक महीने से गांव की स्थिति काफी खराब है। यहां सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ लोग तो गांव में ऐसे हैं, जिनके पास इलाज कराने के लिए पैसे तक नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने भी कोई संज्ञान नहीं लिया है। एक-दो दिन गांव में कैंप लगाकर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। सुधीर कुमार ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलीं तो अन्य लोगों को भी गांव छोड़ना पड़ेगा। गांव के हर घर में एक दो लोग बुखार से पीड़ित हैं। सबसे बड़ा डर बुखार से लगातार हो रही मौतों से बना हुआ है।
गलियां हुईं सुनसान
काहिरा गांव में 100 से अधिक लोगों के बीमार होने के कारण अधिकांश गलियां सुनसान पड़ी हैं। डर के मारे लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। धर्मपाल सिंह और शंकरलाल समेत कुछ ग्रामीण गांव में ही उपचार करवाते मिले। गांव में पोखर का गंदा पानी आबादी के पास तक पहुंच गया है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। वहीं, कुछ नलों का पानी भी खारा होने लगा है।
दूसरे दिन भी लगा शिविर
काहिरा गांव में लगातार दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाले रखा। पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी स्वास्थ्य शिविर में नाममात्र लोग जांच कराने पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि शिविर में उचित इलाज नहीं किया जाता।
बोले ग्रामीण
गांव से कई लोग दूसरी जगह जा चुके हैं। बीमारी के डर से वह यहां नहीं रुके। पता नहीं बीमारी कब तक रहेगी। - चरन सिंह, ग्रामीण
लगातार मौत होने और डेंगू बुखार से लोग भयभीत हैं। कई परिवार अब तक गांव छोड़कर जा चुके हैं। - बसंता, ग्रामीण
गांव से वहीं लोग बाहर गए हैं, जो दूसरी जगह काम करते हैं। ग्रामीणों को बुखार के प्रकोप से बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। - ओमप्रकाश, ग्राम प्रधान काहिरा
गांव में काफी लोग बीमार हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य अधिकारियों से वार्ता कर टीम भेजी गई। - प्रदीप चौधरी, सदर विधायक
सीडीओ और सीएमओ पांच बार गांव का दौरा कर चुके हैं। गांव में कुछ लोग बीमार हैं। उनके उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार भेजा जा रहा है। गांव में सफाई व्यवस्था के साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया गया है। पलायन के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। - सीपी सिंह, डीएम