फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शासनादेश तार-तार दिनभर ब्लड के लिए भटकता रहा पिता

Wed, 09 Mar 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
पी‌ड़‌ित - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यूं तो सरकारी अस्पताल में जरूरतमंद को प्राथमिकता पर ब्लड मुहैया कराए जाने का शासनादेश है लेकिन हकीकत में इंतजाम ब्लड बैंक प्रभारी और सीएमएस के हाथ में है। तभी तो थेलेसीमिया से पीड़ित चार साल के मासूम की जान बचाने के लिए उसका पिता दिनभर दोनों के बीच चक्कर काटता रहा।
विज्ञापन


थकहार कर शाम को उसने सीएमओ से शिकायत की तो पहले मना करने वाले स्टाफ ने सीएमओ की फटकार पर तुरंत ब्लड मुहैया करा दिया।


नगर के बीसा कॉलोनी निवासी विजयपाल का चार वर्षीय बेटा प्रिंस रक्त की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। चिकित्सकों ने प्रिंस को थैलेसीमिया नामक बीमारी बताई थी।

प्रिंस की बीमारी और पिता की माली हालत को देखते हुए पूर्व सीएमएस डॉ. डीके सिंघल ने पिता विजय को भरोसा दिया था कि उन्हें ब्लड लेने के लिए किसी डोनर की जरूरत नहीं होगी और न ही अस्पताल की फीस ली जाएगी। मुफ्त में ही ब्लड दिया जाएगा।
विज्ञापन


कुछ दिनों पहले जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीके सिंघल रिटायर्ड हो गए। बुधवार को जब बच्चे का पिता प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रीतम कुमार के पास ब्लड के लिए पहुंचा तो उन्होंने अपना राग अलापना शुरू कर दिया।

सीएमएस बच्चे के पिता को ब्लड बैंक भेजते तो ब्लड बैंक वाले सीएमएस के पास। बाद में कहा गया कि पहले किसी डोनर को लाओ, तभी ब्लड मिलेगा। बाद में कहा गया कि इस ग्रुप का ब्लड ही नहीं है। 

ऐसे में पिता ने सीएमओ से शिकायत की तो प्रभारी सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई गई। इसके बाद पता नहीं कहां से ब्लड बैंक में उस ग्रुप का खून आ गया और पिता को दिया गया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें