खुर्जा। नवीन गल्ला, फल व सब्जी मंडी में खरीद बंद होने पर धान लेकर पहुंचे किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई। लगभग 400 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली मंडी और बाहर जीटी रोड पर खड़ी हो गईं। इससे जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया। वहीं, किसानों के समर्थन में आए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
दोपहर करीब ढाई बजे एसडीएम प्रतीक्षा पांडेय मौके पहुंची और किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं ने वार्ता की। इसमें किसानों ने धान खरीदने वाले आढ़तियों पर कम दाम में क्रय करने का आरोप लगाया। इसके बाद एसडीएम के निर्देश के बाद मंडी सचिव ने आढ़त व्यापारी का लाइसेंस निरस्त किया। साथ किसानों के धान को भी मंडी में वजन करवाकर रखना शुरू किया गया। शाम करीब साढ़े चार बजे भाकियू ने धरना समाप्त किया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने बताया कि सुबह जब किसान ट्रैक्टर-टॉली लेकर मंडी पहुंचे तो आढ़त व्यापारियों की दुकान बंद रहीं और धान उतरवाने से इन्कार कर दिया। धान का मौसम है तो धीरे-धीरे सभी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मंडी में पहुंच गए। ऐसे में मंडी में लंबी कतार लग गई। किसान लगातार धान का वजन कराने की मांग करने लगे, लेकिन किसी आढ़त ने दुकान नहीं खोली।
वहीं किसानों के समर्थन में दोपहर को भाकियू टिकैत संगठन के कार्यकर्ता भी पहुंचे। जहां पर घटतौली, गलत दाम देने और भ्रष्टाचार के विरोध में पंचायत की गई। एसडीएम की मौजूदगी में मांग पर आढ़ती का लाइसेंस निरस्त के साथ किसानों के बकाया लाखों रुपये भी दिलवाए गए।
दरअसल बुलंदशहर, खैर, गभाना व अन्य मंडी भी बंद थी। इस कारण मंडी में किसानों की भीड़ बढ़ गई। दोपहर 12 बजे तक मंडी के अंदर और बाहर लगभग 400 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉली खड़े हो गए। मंडी के अंदर ट्रैक्टर-ट्रॉली आ जाने से बाहर निकलने वाले ट्रक भी फंस गए, जिससे अंदर वाहनों को खड़ा होने की जगह नहीं मिल सकी। इसका असर जीटी रोड पर यातायात भी रहा। मंडी के बाहर लगभग दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ऐसे में पुलिस की ओर से वाहनों को विपरीत दिशा से ही अन्य वाहनों को निकलवाया गया।
क्षमता से अधिक होने के कारण रोकी गई थी खरीद
मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि सितंबर व अक्तूबर में धान की कटाई होती है। मशीन से कटने के कारण धान ज्यादा आ रहा है। खुर्जा मंडी में 15 हजार क्विंटल की क्षमता है, जो पूरी हो गई थी। इसके बाद आढ़तियों ने खरीद बंद की थी। वहीं खैर, गभाना, जहांगीराबाद, बुलंदशहर मंडी बंद होने के कारण सभी किसान खुर्जा ही पहुंच रहे हैं। यदि क्षमता से अधिक धान रखवाया गया तो वह बारिश में खराब हो सकता है। जो व्यापारी नहीं खरीदेगा।
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कोट
भाकियू के धरने की सूचना पर पहुंच कर वार्ता की गई। ऐसे में उन्होंने आढ़त व्यापारी पर कम दाम में धान खरीदने का आरोप लगाया था, जिस पर मंडी सचिव की ओर से डीआर इंडस्ट्रीज आढ़ती व्यापारी का लाइसेंस निरस्त किया गया। साथ ही किसानों की ट्रॉली से धान उतरवा कर उनको भेजा गया। - प्रतीक्षा पांडेय, एसडीएम खुर्जा।
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बारिश में पॉलीथिन विक्रेताओं ने बढ़ाए दोगुने दाम
बुढैना गांव निवासी रणवीर सिंह ने बताया कि वह 20 क्विंटल धान लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन खरीद बंद होने के कारण कतार में खड़े रहे। दोपहर को अचानक बारिश आ गई थी। ऐसे में धान को बचाने के लिए सभी किसान पॉलीथिन लेने दुकानों पर पहुंचे तो खुर्जा मंडी के बाहर दुकानदारों ने 30 रुपये मीटर की पॉलीथिन 60 से 70 रुपये प्रति मीटर में बेची। मजबूरी में किसानों को खरीदनी पड़ी।