डेडीकेट फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर रविवार को समसपुर गांव में 18 गांवों के किसानों ने हुंकार भरी। महापंचायत में किसानों ने निर्णय लिया कि मुआवजा मिलने के बाद ही किसान जमीनों पर कब्जा देंगे। किसानों का कहना है कि कंपनी के अफसरों पर जबरन जमीन पर कब्जा लेना चाहते है।
समसपुर गांव स्थित लाला प्रधान के आवास पर रविवार को मैना मौजपुर, कंलदरगढ़ी, मदनपुर, सुल्तानपुर, बुढै़ना, समसपुर, कमालपुर माजरा, खबरा, नगला बंसी, गंगरौल, फतेहपुर,वैर बादशाहपुर, सलौनी, मंकदपुर समेत 18 गांवों के सैकड़ाें किसान डेडीकेट फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को लेकर एकजुट हुए।
महापंचायत में किसानों ने निर्णय लिया कि मुआवजना मिलने के बाद ही किसान जमीन पर कब्जा देंगे। इससे पूर्व किसानों ने कंपनी अधिकारी पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। कुछ किसानों का कहना था कि कंपनी उनकी जमीन पर जबरना कब्जा करना चाहती है। पंचायत में सभी किसानों ने एकजुट रहने की हुंकार भरी।
किसानो का कहना था कि कि मुआवजा मिलने से पहले वह किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कंपनी मालिकों ने जबरन कब्जा करने की कोशिश तो किसान आंदोलन करेंगे। पंचायत का संचालन अजय चौधरी, अध्यक्षता नवल सिंह ने की।
इंद्रमणी शर्मा, बब्बन, केहर सिंह, उदयवीर, लाला प्रधान, बालकराम, मनवीर शर्मा, मोहर सिंह, रुद्रदत शर्मा, मानचंद सोंलकी, कृपाल सिंह, बनेसिंह, ओमप्रकाश, टीकम और शिवकुमार मौजूद रहे।