कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे किसान ठंड लगने से बीमार पड़ रहे हैं। लेकिन अफसर जानबूझकर अंजान बने हुए हैं।
शनिवार रात ठंड लगने से तीन किसानों की तबीयत बिगड़ गई, मगर मौके पर कोई अफसर या डॉक्टर नहीं पहुंचे। जिससे रविवार को किसान उग्र हो गए।
वहीं, किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मान लेती है, धरना जारी रहेगा।
जैसे जैसे पारा लुढ़क रहा है वैसे ही धरने पर बैठे किसानों की सेहत नासाज हो रही है। शनिवार रात सर्दी लगने से अचानक तीन किसानों की तबीयत बिगड़ गई।
सूचना के बाद भी डाक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इससे खफा किसान रविवार को उग्र मुद्रा में दिखे। किसानों ने कहा कि मनमानी सहने की भी एक सीमा होती है। अफसर उस सीमा को पार कर चुके हैं।
अफसरों को इसका अंजाम भुगतना होगा। भाकियू के प्रदेश सचिव मांगेराम त्यागी ने कहा कि सोमवार को धरना और भी धारदार होगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष कैप्टन यशवीर सिंह ने कहा कि अफसराें की मनमानी नहीं चलेगी। सोमवार को विधायकों को पुतला फूंका जाएगा और विधानसभा चुनावों में वोट मांगने वाले नेताओं को खदेड़ा जाएगा। इस दौरान सुखपाल, गुलबीर, अनुज, पंकज, नीरज, योगेंद्र रहे।