बुलंदशहर।
भाकियू पदाधिकारियों के प्रदर्शन के चलते शहर में करीब ढाई घंटे तक लोगों को जाम से जूझना पड़ा। भाकियू के मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने मलका पार्क से रैली निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर जमकर हंगामा। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कलक्ट्रेट का गेट बंद किए जाने से खफा किसानों ने नारेबाजी की और गेट न खुलने तक धरना जारी रखने की घोषणा की। करीब साढ़े तीन बजे अधिकारियों ने कलक्ट्रेट का गेट खोला, जिसके बाद मंडलायुक्त और डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
बृहस्पतिवार को भाकियू टिकैत गुट की मेरठ मंडल की मासिक पंचायत हुई। इस दौरान नगर के कालाआम स्थित मलका पार्क में एकत्रित होकर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक किसानों ने मलका पार्क में एकत्रित होकर नारेबाजी की और किसानों के हित में आवाज उठाई। मलका पार्क में एकत्रित हुए बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ और गौतमबुद्धनगर के 700 से अधिक किसान नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। बड़ी संख्या में किसानों के सड़क पर आने के कारण काला आम चौराहा, कलक्ट्रेट रोड, अस्पताल रोड, काली नदी रोड, भूड़ रोड, कोर्ट रोड पर जाम लग गया। नारेबाजी करते हुए किसान कलक्ट्रेट के सामने सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में बिना रिश्वत के किसानों के काम नहीं किए जा रहे हैं। यदि किसान रिश्वत नहीं देता है तो लेखपाल भी किसानों से अभद्रता करते हैं, जिसके बारे में कई बार अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। लगातार किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास सरकार और अधिकारी कर रहे हैं। गांवों में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा रहे हैं, जिससे आए दिन किसान और पशु गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन ठेकेदार सड़कों के गड्ढे भरने के लिए तैयार नहीं हैं। आरोप लगाया कि जहांगीराबाद के रौंडा बिजलीघर क्षेत्र में पिछले दिनों करंट से किसान की मौत के बाद जब पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर पुतला फूंका तो किसानों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए, जबकि आश्वासन के बाद भी बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। भीषण गर्मी में प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट गेट पर एक बुजुर्ग किसान कार्यकर्ता बेहोश हो गए, जिसके बाद अन्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें लेटाकर पानी पिलाया। धरने पर बैठे किसानों ने घोषणा की कि जब तक कलक्ट्रेट का गेट बंद रहेगा, धरना यूं ही जारी रहेगा। करीब दो घंटे प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने कलक्ट्रेट का गेट खोला, जिसके बाद किसान शांत हुए और मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश और एसपी देहात बीबी चौरसिया को सौंपा।
रास्ता जाम करने के दौरान हुई नोकझोंक
कलक्ट्रेट के सामने रास्ते पर धरने पर बैठकर किसानों ने रास्ते जाम कर दिए। इस दौरान मौके से गुजरने के दौरान कई महिला और पुरुषों के साथ संगठन के कार्यकर्ताओं की जमकर नोकझोंक हुई। नोकझोंक के बाद भी प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं ने महिलाओं व अन्य लोगों को मौके से नहीं गुजरने दिया, जिसके चलते उन्हें अन्य रास्तों से होकर गंतव्य जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ढाई घंटे तक जाम से जूझते रहे लोग
मासिक पंचायत में शामिल होने आए किसानों ने काला आम से अस्पताल रोड पर वाहन खड़ा कर दिए थे। इसके बाद कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान काला आम चौराहा, अस्पताल रोड, चांदपुर रोड, कलक्ट्रेट रोड, राजे बाबू रोड, अस्पताल रोड पर करीब ढाई घंटे तक जाम से लोग परेशान रहे। हालांकि कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान स्कूली बच्चों के वाहन और एंबुलेंस को रास्ता दिया गया। जबकि अन्य वाहनों को पुलिस ने रूट डायवर्ट करते हुए काला आम से वाया नुमाइश मैदान होकर चांदपुर, कोर्ट, राजेबाबू रोड जाने वाले वाहनों को वाया अंसारी रोड, कोर्ट से डीएम रोड की ओर जाने वाले वाहनों को नुमाइश मैदान से होकर गुजारा गया। इस दौरान राखी शर्मा, जीते चौहान, हरपाल सिंह, मनोज मावी, बिजेंद्र सिंह, अशोक भाटी, सत्यपाल सिंह, अशोक, बबली और ब्रह्मपाल मौजूद रहे।