अनदेखी से खफा किसानों ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और सांसद भोला सिंह का कलक्ट्रेट में पुतला फूंका। किसानों ने मंत्री और सांसद के खिलाफ नारेबाजी की।
कहा कि अफसर और नेताओं की उदासीनता के कारण किसान खुले आसमान के नीचे सर्द रात काटने को मजबूर हैं। बकाया भुगतान, मौजूदा पेराई सत्र में गन्ना मूल्य, बिजली दरों में बढ़ोतरी से खफा किसान आठ दिन से कलक्ट्रेट में धरना दे रहे हैं।
किसान कई बार कलक्ट्रेट में हंगामा प्रदर्शन कर चुके हैं। बावजूद इसके अफसर किसानों की मांग मानने को तैयार नहीं हैं। किसान गन्ना बेंचकर पैसे-पैसे के लिए मोहताज हैं और सरकार सैफई महोत्सव में पानी की तरह पैसे का बहा रही है।
यशवीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से भी कोई आश्वासन नहीं मिला है। इसी से खफा किसानों ने भाकियू के बैनर तले केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और सांसद भोला सिंह का पुतला जलाया।
खफा किसानों ने जिला प्रशासन, सांसद और मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश सचिव मांगे राम त्यागी ने कहा कि प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी किसानों का शोषण कर रहे हैं। नेता किसानों की समस्या उठाने को तैयार नहीं हैं।
किसी भी एमएलए और एमपी ने देश और प्रदेश की पंचायतों में किसानों की आवाज नहीं उठाई। संगठन मंत्री नवेद मियां ने चेतावनी दी कि समय आने पर किसान जनप्रतिनिधियों को जवाब देंगे।
धरनास्थल पर डॉक्टर तक का बंदोबस्त नहीं है। दो किसान प्राइवेट अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में महफूज खा, विजेंद्र, हरेंद्र, भूपेंद्र, रिशिपाल, योगेंद्र, सुखपाल, सुरेश आदि मौजूद रहे।