पुलिस कार्रवाई से भड़के झाझर गांव के किसानों ने प्रशासन से वार्ता के बाद आमरण खत्म कर दिया है, लेकिन वह धरनास्थल पर फिर जुटने लगे हैं। उन्होंने चकबंदी के विरोध में शांतिपूर्वक धरना देने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वह मांगों के पूरा होने तक धरने पर बैठे रहेंगे।
मालूम हो कि शुक्रवार तड़के धरनारत अनशनकारियों को बलपूर्वक उठाने गई पुलिस पर किसानों ने पथराव किया था। इस पर पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से धरने पर बैठे किसान हेमराज, धनश्याम, जय प्रकाश घायल हो गए थे। धनश्याम और हेमराज को मेरठ रेफर किया गया था।
पुलिस कार्रवाई से नाराज किसानों ने सुबह छह बजे बुलंदशहर-जेवर हाईवे जाम कर दिया था। प्रशासन से वार्ता के बाद किसानों शुक्रवार शाम को अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया है। अब वह केवल शांतिपूर्ण तरीके चकबंदी का विरोध करेंगे।
धरना स्थल पर किसान लौटने लगे हैं। वहीं शनिवार सुबह से शांति पूर्ण शुरू हुए किसानों के धरने के आसपास पुलिस नजर नहीं आई। यहां तक कि ककोड़, झाझर में भी धरने को लेकर कोई सतर्कता दिखाई नहीं दी।
ककोड़ में ना तो पुलिस फोर्स, पीएसी दिखी, और न ही प्रशासनिक अधिकारियों की चहलकदमी। शनिवार को तहसील से लेखपाल महाराणा प्रताप, एक अन्य लेखपाल के साथ किसानों से बात करने धरनास्थल पर पहुंचे।