होटल की रंजिश के चलते किसान की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट रजत सिंह जैन ने सुनाया है।
विशेषज्ञ अभियोजन अधिकारी आरएस वर्मा व वादी के अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि सतीश पुत्र भूरा सिंह ने 19 फरवरी 2010 में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 19 फरवरी की सुबह 8 बजे उसका बड़ा भाई वीरेंद्र मां चंद्रवती के साथ बुग्गी लेकर खेत पर जा रहा था।
तभी रास्ते में आकाशदीप होटल के पास रिंकू, जीतू तथा अवेंद्र ने बुग्गी को रुकवा लिया। रिंकू ने दोनों के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जिसमें वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि वीरेंद्र की मां चंद्रवती घायल हो गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद रिंकू, जीतू व अवेंद्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद रिंकू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जीतू व अवेंद्र को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
वकील ने बताया कि होटल की इसी रंजिश में वादी के छोटे भाई राजन उर्फ राजवीर की हत्या 18 अक्टूबर 2012 को आरोपी रिंकू के पिता महेंद्र व भाई पुष्पेंद्र उर्फ पोकी तथा किशन पुत्र मोहनलाल सिंह तथा शिवकुमार द्वारा कर दी गई थी।