शुक्रवार शाम को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों को परेशान किया। बारिश के साथ ही जिले के कई इलाकों में ओले गिरे। बुगरासी और चोला क्षेत्रों में ज्यादा ओला गिरने की सूचना है। ओला गिरने से गेहूं और सब्जियों की फसलों में नुकसान हुआ। आम के बागों को भी ओलों से नुकसान हुआ है।
प्रगतिशील किसान ओमप्रकाश लोधी और कामरेड सागर सिंह ने बताया कि ओलों से हुए नुकसान की सही जानकारी रविवार तक होगी। इसके कारण टूटी फसल सूखने पर ही नुकसान का पता चलेगा। ओला गलने के बाद अब ठंडक बढ़ने का भी अनुमान है। ऐसे में होली पर लोगों को कम तापमान के चलते ठंडे पानी से बचाव करना होगा।
किसानों की गेंहू की फसल, सरसों की फसल को बारिश ने पूरी तरह से जमीन पर बिछा दिया है। तेज हवा और बारिश से अगौता, पवसरा, जिताका, बिसुंदरा, लखावटी, पाली बेगपुर, चरौरा मुस्तफाबाद, पर्वाना, ईलना, जाड़ौल, जनौरा आदि दर्जनों गांवों में भी फसल को काफी नुकसान हुआ है।
उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा के अनुसार अभी ज्यादा बारिश नहीं हुई है। यदि ज्यादा बारिश होती है तो आलू के खेत में पानी भरने और पकी मटर में गलन की संभावना बढ़ जाएगी। हालांकि सरसों की फसल तैयार है और कटाई भी शुरू है।