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किसान नहीं बनवा सकेंगे फर्जी गन्ना बांड, अफसरों की रहेगी नजर

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अब नहीं बन सकेंगे फर्जी गन्ना बांड, अधिकारी करेंगे निगरानी
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बुलंदशहर। जनपद में गन्ने की फसल के रकबे का सर्वे पूरा हो चुका है। इसके बाद अब किसानों के गन्ना बांड बनेंगे। लेकिन इस बार फर्जी गन्ना बांडों पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। इस पर अफसरों की पैनी नजर रहेगी। डीसीओ की चेतावनी है कि एक भी फर्जी बांड सामने आने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर होगी।
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जनपद में विगत वर्ष करीब 64 हजार हेक्टेयर भूमि में गन्ने की फसल उगाई गई थी। इस बार भी विभाग ने आगामी गन्ना पेराई सत्र के लिए किसानों की गन्ने की फसल के रकबे का सर्वे पूरा कर लिया है। इसका डाटा एकत्र किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि इस बार फसल के रकबे का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अब किसानों के गन्ना बांड बनाए जाने हैं। जनपद में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या 1.12 लाख के आसपास है। पिछले दो वर्षों की बात की जाए तो जनपद में विभागीय अधिकारियों ने गन्ना किसानों के बड़ी संख्या में फर्जी बांड का खुलासा करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया था। इस बार भी अफसरों की फर्जी गन्ना बांड पर पैनी नजर रहेगी। उनकी चेतावनी है कि जनपद में एक भी किसान का फर्जी गन्ना बांड नहीं बनने दिया जाएगा। उन्हीं किसानों के गन्ना बांड बनेंगे, जिनके पास गन्ने की फसल है और उसके रकबे का सर्वे किया गया है। जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी ने बताया कि विगत वर्ष तक फर्जी गन्ना बांड पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। इस बार भी फर्जी गन्ना बांड पर नजर रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी किसान का फर्जी बांड बनता है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इस बारे में संबंधित विभाग के सभी अफसर और कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। इसलिए किसानों को चाहिए कि वह फर्जी बांड बनवाने के लिए न तो किसी को बाध्य करें और ही ऐसा करने का प्रयास करें। अन्यथा उन्हें कड़ी कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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