बुलंदशहर। फर्जी मार्कशीट से चार लोगों के शिक्षक बनने का मामला सामने आया है। फिरोजाबाद के रहने वाले पुष्पेंद्र कुमार, आशीष कुमार, दिनेश कुमार और आशीष कुमार ने 2014 में नौकरी पाई थी। जांच में चारों की मार्कशीट फर्जी पाई गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने चारों को बर्खास्त कर दिया है। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को आरोपी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वेतन की राशि की रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी को पत्र भेजा गया है।
बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि वर्ष 2010 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों का सत्यापन कार्य चल रहा है। 2014 में फिरोजाबाद की शिकोहाबाद तहसील के चार लोग जिले के डिबाई ब्लॉक के स्कूलों में सहायक अध्यापक बनकर आए थे। इन्होंने बीटीसी की डिग्री लगाई थी। पिछले वर्ष इन शिक्षकों की शिकायत हुई थी। शिकायत मिलने पर जांच कराई गई। चारों शिक्षकों ने बीटीसी की जिस मार्कशीट को लगाया है, उस रोल नंबर पर किसी दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज है। विभाग के पास जो मार्कशीट है, उसमें इन शिक्षकों का नाम दर्ज हैं।
चारों शिक्षकों ने मार्कशीट के साथ छेड़छाड़ कर लगा दी थी। इसी के आधार पर स्कूलों में शिक्षक बन गए। उन्होंने बताया कि शिकोहाबाद के नंगलाघाट निवासी दिनेश कुमार, सियामई गांव निवासी पुष्पेंद्र कुमार, लेबर कॉलोनी निवासी आशीष कुमार व शिकोहाबाद निवासी आशीष कुमार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए बीईओ को निर्देश दिए गए हैं।
चारों शिक्षकों की मार्कशीट का परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से सत्यापन कराया गया था। रिपोर्ट आने के बाद अब उक्त शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। शिक्षकों ने किसी दूसरे की मार्कशीट से छेड़छाड़ कर सहायक अध्यापक की नौकरी पाई थी। - डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी।