राजारामपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित गुडलक फैक्ट्री के सामने एकत्र होकर गांव के भूजल को प्रदूषित करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को छिपाने के लिए प्रबंधन ने फैक्ट्री के नाले के किनारे झाड़ियां लगा दी हैं।
ग्रामीणों ने झाड़ियों में आग लगा दिए। सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने मोबाइल से एसडीएम से वार्ता की। एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
बुधवार सुबह ग्राम राजारामपुर के दर्जनों ने ग्रामीणों ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित गुडलक फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन किया। आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को छिपाने के लिए प्रबंधन ने फैक्ट्री के बाहर नाले पर झुंड वाली घास लगा दी है।
ग्रामीणों का कहना था कि झाड़ियों में बदमाश आसानी से छिपकर राहजनी की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। वहीं, केमिकल युक्त पानी के नाले में निकलने से गांव का भूजल प्रदूषित हो रहा है। जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
गुस्साए ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर लगे घास के झुंडों में आग लगा दी। हंगामे की सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी प्रभात बालियान ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने एसडीएम से भी फोन पर वर्ता की।
वहीं, फैक्ट्री के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि नाले में केमिकलयुक्त पानी नहीं छोड़ा जाता है। प्रदूषण विभाग के आदेशानुसार कंपनी के आस-पास ग्रीनरी लगाई गई है। इस दौरान ग्राम प्रधान जतन, धर्मपाल, रघुवर, चौ. निर्मल, प्रकाश समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।