फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही : आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजी एक्सपायरी डेट की आयरन सिरप

विज्ञापन
ऊंचागांव क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचा एक्सपायरी डेट का आयरन सीरप। - फोटो : BULANDSHAHR
विज्ञापन
लापरवाही : आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजी एक्सपायरी डेट की आयरन सिरप
विज्ञापन

बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऊंचागांव ब्लॉक के गांव मढ़ैय्या स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के लिए आयरन सीरप भेजा गया था। केंद्र पर जब बच्चों को यह सीरप पिलाने की तैयारी की जा रही थी तो उसी समय चेक किया गया गया तो वह एक्सपायरी डेट का निकला। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इनकी जांच करवाई और इससे सीडीओ को अवगत कराया। इस पर सीडीओ ने सीएमओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय अधिकारियों की माने तो एक्सपायरी सिरप का सेवन स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता था।
जनपद में 3968 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां पर 3.50 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल तक के बच्चों को आयरन का सीरप दिया जाता है, जिससे उनमें आयरन की कमी न रहे और खून भी बढ़े। प्रत्येक ब्लॉक पर बच्चों की संख्या के आधार पर आयरन के सीरप भेजे जाते हैं। ऊंचागांव ब्लॉक के गांव मढैय्या स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों के लिए आयरन के सीरप भेजे गए थे। विभागीय अफसरों द्वारा जो सीरप भेजे गए उनमें करीब 20 सीरप ऐसे थे जो गत जनवरी माह में एक्सपायर हो गए थे। बताया गया कि बच्चों को सीरप पिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी तो कर्मचारियों ने सभी सीरपों की तिथि देखी तो वह एक्सपायर निकली। आंगनबाड़ी केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को दी तो वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने सीरप को कब्जे में ले लिया। बताया गया कि जो एक्सपायरी डेट के सीरप भेजे थे। यदि उनसे दवा पिला दी जाती तो बच्चों पर भारी पड़ सकता था।
विज्ञापन

खून बढ़ाने का काम करता है यह सीरप
आयरन का सीरप आंगनबाड़ी पर पहुंचाया जाता है। इसे बच्चों, किशोरी और महिलाओं को उपलब्ध करवाया जाता है। यह सीरप खून बढ़ाने का काम करता है। यह पांच साल तक के बच्चों के साथ कुपोषित बच्चों के लिए सबसे अधिक बेहतर और जरूरी माना जाता है। किशोरी और महिलाओं खासकर गर्भवती महिलाओं को भी इसी तरह के सीरप की खास जरूरत होती है। इसे आंगनबाड़ी केंद्र से निशुल्क जरूरत के अनुसार उपलब्ध करवाया जाता है।
पूर्व में मल्टी विटामिन भी बांट दी थी एक्सपायर
आंगनबाड़ी केंद्र पर एक्सपायरी डेट का आयरन सीरप पहुंचने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी करीब दो साल पहले एक्सपायरी डेट की मल्टी विटामिन दवा का वितरण कर दिया गया था। यह दवा एक सरकारी अस्पताल में बांटी गई थी। उस समय भी स्वास्थ्य विभाग की अच्छी-खासी किरकिरी हुई थी। इतना ही नहीं करीब दो साल पहले ही जिला अस्पताल में एक्सपायरी स्ट्रिप से शुगर की जांच का मामला उजागर हो चुका है। इस मामले का जब खुलासा हुआ था तो उच्च अफसरों ने अपनी गर्दन बचाते हुए निचले स्तर के कर्मियों पर कार्रवाई कर मामले को दबा दिया था।
आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के लिए एक्सपायर डेट के करीब 20 आयरन सीरप भेज दिए थे। इस मामले में सीडीओ को अवगत करा दिया है। सीडीओ ने सीएमओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन

- हरिओम वाजपेयी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल एवं पुष्टाहार विभाग
एक्सपायरी डेट वाले आयरन के सीरप जिस आंगनबाड़ी केंद्र पर थे, उन्हें वापस मंगवा लिया गया हैं। यह सीरप कैसे पहुंचे इसकी जांच कराई जा रही है। लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें