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Bulandshahar News: एक साथ की वारदात, एक ही रात दोनों ढेर हुए

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एक साथ की वारदात, एक ही रात दोनों ढेर हुए
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बुलंदशहर। आशीष और अब्दुल ने एक साथ आपराधिक वारदात को अंजाम देते थे। धमैड़ा अड्डे पर सराफ की दुकान में भी दोनों ने साथ में लूट की थी। साथ में ही फरारी काटी थी। सोमवार की रात दोनों अलग-अलग हुए और महज सात घंटे के अंतराल में मारे गए। आशीष का एनकाउंटर जहां नगर क्षेत्र के वलीपुरा नहर के पास हुआ, वहीं अब्दुल का एनकाउंटर यहां से 40 किलोमीटर दूर पहासू में हुआ।
देहात कोतवाली के गांव ऐमनपुर निवासी आशीष ठाकुर और ऐमनपुर से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित खुर्जा देहात के गांव भटवारा निवासी अब्दुल काफी समय से जिगरी दोस्त थे। दोनों साथ में आपराधिक वारदात को अंजाम देते थे। तीन नवंबर को भी दोनों ने नगर कोतवाली के धमैड़ा अड्डा स्थित सराफ की दुकान में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। अब्दुल ने दुकान में घुसते ही व्यापारी को गोली मारी थी। आशीष ने बैग में जेवरात भरे थे। बाद में दोनों भाग निकले थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने वारदात के बाद फरारी भी साथ में काटी थी। विभिन्न स्थानों पर साथ रहने के बाद वापस लौटे और फिर से कई वारदातों को साथ में अंजाम दिया। सोमवार शाम को दोनों साथ नहीं थे और पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। पहला एनकाउंटर रात करीब साढ़े नौ बजे कोतवाली नगर के वलीपुरा क्षेत्र में हुआ। यहां आशीष अपने एक अन्य साथी के साथ था। आशीष के ढेर होने के करीब सात घंटे बाद 40 किलोमीटर दूर पहासू क्षेत्र में अब्दुल भी पुलिस से मुठभेड़ में मारा जाता है। दोनों के मारे जाने के बाद से तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इसे इत्तेफाक ही माना जा रहा है कि दोनों आरोपी एक ही रात में पुलिस का निशाना बने।
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आशीष के दादा की पुलिसकर्मियों ने की थी हत्या
आशीष अपने पिता का इकलौता बेटा था। आशीष के दादा बलवीर और उनके चचेरे भाई कृष्णपाल की वर्ष 1983 में पुलिसकर्मियों ने हत्या कर दी थी। कृष्णपाल को उस दौरान दो पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए मिले थे। दोनों पुलिसकर्मी कृष्णपाल को अपने साथ दिल्ली किसी काम से ले गए। उनके साथ आशीष के दादा बलवीर भी गए थे। गाजियाबाद में हिंडन नदी के पास दोनों पुलिसकर्मियों ने कृष्णपाल और बलवीर की हत्या कर दी थी। दोनों पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। दोनों को सेशन कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई थी।
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आशीष के परिजनों ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप
आशीष और अब्दुल के परिजन सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। आशीष के परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आशीष की जमानत लेने वाले जमानतियों को बुलाया था। सोमवार देर रात करीब दो बजे पुलिस ने आशीष को गोली लगने की सूचना दी थी। परिजनों ने अब्दुल पर भी अपराधी होने का आरोप लगाया है।
परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसके बाद जवाबी फायरिंग में उनकी जान गई है। - श्लोक कुमार, एसएसपी
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