बुलंदशहर। जहांगीराबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत भर्रा के प्रधान सोनू और तत्कालीन सचिव पर गांव के विकास कार्यों में 3.07 लाख व मनरेगा के कार्यों में 32,236 रुपये की राशि के गबन का आरोप लगा है। इस पर उन्हें जिला पंचायत राज अधिकारी और मनरेगा के डीसी की ओर से उक्त राशि की रिकवरी के नोटिस जारी किए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने बताया ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज गांव भर्रा में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी सामने आई। डीएम के आदेश विभाग ने प्राप्त भुगतान वाउचरों का परीक्षण कराया।
इसमें खुलासा हुआ कि प्रधान और सचिव ने ग्राम निधि की धनराशि अपने रिश्तेदारों और जानने वालों के निजी खातों में ट्रांसफर कर दी। खुलासा हुआ कि मनीष शर्मा जो कि छात्र है, उसके खाते में 9 बार में रिक्शा रिपेयर, बिजली फिटिंग, विकसित भारत यात्रा, सफाई, पंचायत सहायक मानदेय, कंप्यूटर मरम्मत के नाम पर 73,750 रुपये भेजे गए।
इसी तरह संजय सैनी को 65,030 रुपये, अमित कुमार को 47,989 रुपये, राजकुमार (भाई) को 16,800 रुपये, तारा चंद, रामौतार, सुनील तोमर को सफाई, फॉगिंग, पेंटिंग, रिक्शा मरम्मत के नाम पर और प्रधान सोनू के स्वयं के खाते में 32,900 रुपये मानदेय से अतिरिक्त धनराशि भेजी गई। कुल 22 भुगतानों में 3,07,127 रुपये का गबन दर्शाया गया है।
साथ ही ग्राम पंचायत में बना सामुदायिक शौचालय निर्माण के बाद से ही बंद पड़ा था लेकिन उसके केयर टेकर को 2 लाख 43 हजार रुपये के मानदेय का अनियमित भुगतान कर दिया गया।
प्रधान सोनू पर आरोप है कि उन्होंने पदीय दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए अपने सगे भाई, अध्यक्ष एवं अन्य रिश्तेदारों के खातों में 5,50,127 रुपये की धनराशि का अंतरण कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रधान को 15 दिन में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
मनरेगा के डीसी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि गांव भर्रा निवासी बृजमोहन शर्मा पुत्र जमुना प्रसाद, विजय कुमार, नेमपाल, रामचंद्र आदि ने मनरेगा कार्यों में धांधली की शिकायत जिलाधिकारी से की थी।
आरोप था कि गांव में बिना काम कराए ही मस्टररोल भर दिए गए, सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और एक ही काम का नाम बदल-बदलकर कई बार भुगतान कर दिया गया।
शिकायत पर कराई गई जांच में 32,236 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके आधार पर मनरेगा उपायुक्त की ओर से प्रधान सोनू और सचिव अमरीश कुमार को नोटिस जारी कर उक्त धनराशि सरकारी खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि समय पर धनराशि जमा न करने पर कार्रवाई होगी।