गले हुए हैं बिजली के खंभे, दहशत में जी रहे लोग
बुलंदशहर। काली नदी रोड और अनूपशहर रोड पर कई बिजली के खंभे नीचे से पूरी तरह से गल गए हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। पावर कॉरपोरेशन शायद किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। वहीं, गले हुए खंभों की वजह से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी जर्जर गले हुए खंभों को कॉरपोरेशन नहीं बदलवा रहा है।
दिन प्रतिदिन पावर कॉरपोरेशन के उपकरण जर्जर हालात में पहुंचते जा रहे हैं। लेकिन बिजली अफसरों को कोई फर्क नही पड़ रहा है। जिसके कारण आए दिन दुर्घटना हो रही हैं। जिसमें जान माल का भारी नुकसान भी हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण अभी बीते दिनों हीरापुर में ट्रांसफार्मर में करंट आने से गौवंश की मौत है। इसके बाद भी जर्जर उपकरणों को बदला नही जा रहा है। ऐसे ही काली नदी रोड पर दो और अनूपशहर अड्डा रोड स्थित चालीस फुटा रोड पर एक बिजली का खंभा नीचे से गला हुआ है। जिसको लेकर स्थानीय निवासियों में दुर्घटना का हमेशा डर बना रहता है।
कुलदीप सिंह ने बताया हमेशा ये डर लगा रहता है कि कभी भी खंभा गिर जाएगा और बड़ा नुकसान हो जाएगा। राहुल ने बताया कि बारिश का मौसम है अगर खंभा गिर गया तो आसपास के मकानों में करंट उतर सकता है। जिससे जान का भी नुकसान होने की संभावना है। काली नदी रोड निवासी दुकानदार हसमत ने बताया कि खंभा नीचे से पूरी तरह गला हुआ है। कई बार इसकी शिकायत बिजली के अफसरों से की गई है। आज तक कोई समाधान नही हो पाया है। अगर कोई दुर्घटना हुई तो जान माल का भारी नुकसान हो जाएगा।
गले हुए खंभे की वजह से हमेशा डर बना रहता है। अगर कभी ये खंभे गिर गए तो जान माल का बहुत नुकसान हो जाएगा। शिकायत के बाद भी अफसर सुनने को तैयार नहीं है। - शकील मालिक, स्थानीय निवासी
बिजलीघर पर खंभों के गलने की शिकायत की थी। लेकिन कई बार शिकायत के बाद भी किसी ने निरीक्षण तक नही किया।
- मोहित, स्थानीय निवासी
बिजली के खंभे नीचे से इतने गल चुके हैं कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अगर कोई जान माल का नुकसान हुआ तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इमरती देवी, स्थानीय निवासी
जब शासन के आदेश हैं कि जर्जर उपकरणों को तत्काल बदला जाए। अगर उसकी अच्छे से मरम्मत हो सके तो वो की जाए। इसके बाद भी अफसर मौन साधे रहते हैं। आए दिन जर्जर उपकरणों के कारण जान माल का नुकसान हो जाता है।
मुमताज सैफी, स्थानीय निवासी
अभी तक ऐसी कोई जानकारी संज्ञान में नहीं आई है। अब पता चला है तो सभी गले हुए खंभों को ठीक कराया जाएगा। अगर उनके ठीक होने की स्थित नहीं होगी तो खंभों को बदलवाया जाएगा।
शिव कुमार, एक्सईएन, शहर