किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए अब धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। बुलंदशहर समेत सूबे के आठ जनपदोें में इसी वर्ष कृषि उपज की ई-खरीद शुरू हो जाएगी। बुलंदशहर के अनूपशहर ब्लॉकको शासन ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है।
योजना सफल रही तो अगले वर्ष से सूबे के सभी जनपदों में कृषि जींस की ई-खरीदारी शुरू हो जाएगी। अनूपशहर ब्लॉक में तैनात विपणन इंस्पेक्टर को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।
सूबे में ई-खरीद के संबंध में मार्केटिंग विभाग एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है। सॉफ्टवेयर में किसान और किसान द्वारा बोई गई प्रत्येक फसल का विवरण क्षेत्रफल समेत फीड किया जाएगा। किस किसान ने कितने रकबे में कौन सी फसल बोई है इसका विवरण साफ्टवेयर में दर्ज होगा।
किसान का बैंक एकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर की भी फीडिंग होगी। खासतौर पर धान और गेहूं की फसल पर मार्केटिंग विभाग को फोकस होगा। सॉफ्टवेयर बोए गए क्षेत्रफल के हिसाब से गणना कर बताएगा कि संबंधित किसान के खेत में कितना धान और कितना गेहूं पैदा हुआ।
यह सारी जानकारी साफ्टवेयर के माध्यम से केंद्र और किसानों तक पहुंचेगी। किसानों को मोबाइल फोन पर जानकारी दी जाएगी। क्रय केंद्र प्रभारी की ओर से किसान को गेहूं या धान खरीद के संबंध में पर्ची जारी की जाएगी। ई-खरीद शुरू होने पर जिस दिन फसल केंद्रों पर तौली जाएगी, उसी दिन किसानों के अकाउंट में पैसा डाल दिया जाएगा।