सड़कों पर उड़ रही धूल, लोगों को बना रही बीमार
बुलंदशहर। शहर में सडक़ों पर उड़ रही धूल लोगों की आंखों की रोशनी को कमजोर करने लगी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीज आंखों की परेशानी को लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, चिकित्सक मरीजों के साथ तीमारदारों को धूल से बचने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही बिना परामर्श आंखों में दवाई न डालने की सलाह भी दे रहे हैं।
गर्मी के मौसम का सबसे ज्यादा असर जहां आंखों पर होता है, वहीं अब गर्मी के साथ धूल भी आंखों के लिए खतरनाक साबित होती जा रही है। जिला अस्पताल में नेत्र विभाग के चिकित्सक डॉ. पीके झा ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज किसी ना किसी समस्या को लेकर आ रहे थे। लेकिन गत माह से मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सबसे अधिक मरीज आंखों की एलर्जी को लेकर आ रहे है। जिसमें बच्चे, महिला-पुरुष से लेकर बुजुर्ग भी शामिल ंहै। बताया कि धूल के कण आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे आंखों को विभिन्न बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने आंखों को धूल से बचने के लिए चश्मा पहनकर बाहर निकलने और आंखों को स्वच्छ पानी से धोने की सलाह दी है। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी है।
धूल से सांस के रोगियों को भी हो रही दिक्कत
धूल से जहां जिले की वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। वहीं, सांस और अस्थमा के रोगियों की परेशानियां भी बढ़ रही है। इससे सांस और अस्थमा के रोगियों को स्वच्छ वायु नहीं मिल पाती और उनकी बीमारी गंभीर होने लगती है। इस समस्या को लेकर भी प्रतिदिन जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में मरीज आ रहे हैं।
इन स्थानों पर उड़ती है धूल
नगर के काला आम चौराहा, चांदपुर रोड, पन्नी नगर शुगर मिल, शिकारपुर बाईपास रोड, स्याना अड्डा, अनूपशहर रोड, रेलवे रोड, रोडवेज बस अड्डा, भूड़ चौराहा, पुरानी जेल परिसर, नुमाइश मैदान, खुर्जा बाईपास रोड, गंगेरुवा रोड और तहसील रोड समेत अन्य स्थानों पर सुबह से शाम तक सडक़ों पर धूल उड़ती रहती है। इससे लोगों को आंखों की समस्या समेत अन्य बीमारियां जकड़ लेती हैं।
पिछले पांच दिन के आंकड़े
तारीख मरीजों की संख्या
दो अप्रैल 274
चार अप्रैल 218
पांच अप्रैल 209
छह अप्रैल 220
सात अप्रैल 217
आठ अप्रैल 204
नोट : यह आंकड़े जिला अस्पताल में नेत्र विभाग की ओपीडी के हैं।
धूल उड़ने से आंखों पर असर होता है। गर्मी के दिनों में धूल के अलावा गेहूं को थ्रेसर से निकलाने के दौरान उड़ने वाले भूसा से भी आंखों को नुकसान होता है। इन दिनों आंखों के मरीज बढ़ जाते हैं। आंखों की हिफाजत के लिए अच्छे चश्मे का प्रयोग करें और बिना चिकित्सक के परामर्श के आंखों में दवा न डालें। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ