शहरों में कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्रांउड चिन्हित करने के लिए डीएम ने निकाय अफसरों को एक सप्ताह का समय दिया है। डीएम ने कहा कि ऐसा नहीं करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निकायों में डंपिंग ग्रांउड नहीं होने से कचरे का सही ढंग से डिस्पोजल नहीं किया जा रहा है। कचरे को या तो बर्न किया जा रहा या गलियों में फेंक दिया जाता है। ऐसे में निकाय क्षेत्रों में गंदगी का अंबार लग गया है।
गंदगी की समस्या से निपटने के लिए डीएम ने पिछले दिनों सभी निकाय अफसरों से डंपिंग ग्रांउड के लिए जमीन तलाशने का आदेश दिया था। आदेश के बावजूद निकाय अफसरों ने कुछ नहीं किया। अफसरों की शिथिलता के बाद डीएम कार्रवाई के मोड में आ गए हैं।
डीएम ने सभी नगर पालिका के ईओ को एक सप्ताह के भीतर डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिन्हित करने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने वाले अफसरों को डीएम ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि शासन का फोकस सफाई व्यवस्था पर है। ऐसे में अफसरों के शिथिल होने का मतलब गैर जिम्मेदारी है।