बुलंदशहर। मुख्यमंत्री की ओर से जन शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित किए जाने के सख्त निर्देशों के बाद भी अधिकारी लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। आईजीआरएस पर शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण नहीं करने पर डीएम ने तहसीलदार खुर्जा सहित 26 अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम श्रुति ने जनपद स्तर पर आईजीआरएस के निस्तारण की समीक्षा की। जिसमें सामने आया कि एक सितंबर से 15 सितंबर 2025 तक अधिकारियों ने आईजीआरएस का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण नहीं किया। जिस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। इस अवधि में आईजीआरएस का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने पर डीएम ने 26 अधिकारियों के वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाई है।
अधिकारियों में जनपद स्तरीय, विकास खंड स्तरीय, तहसील स्तरीय और स्थानीय निकायों के अधिशासी अधिकारी सम्मलित हैं।
डीएम ने इन सभी अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण समय से किए जाने के कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में इन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरते जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।