नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा किनारे बसे 30 गांवों को ‘साहब’ ने गोद ले लिया है। मिशन के मद्देनजर जिलाधिकारी के आदेश पर प्रशासनिक अफसर भी गंगा किनारे बसे गांवों को स्वच्छ करेंगे। जिलाधिकारी खुद ऑफिस खत्म कर प्रत्येक गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को सफाई के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराएगीं।
डिबाई, स्याना, ऊंचागांव और अनूपशहर ब्लॉक के 30 गांव गंगा किनारे बसे हैं। सर्वे में सामने आया है कि गंगा किनारे बसे ग्रामीण खुले में शौच कर गंगा को मैला कर रहे हैं। गंगा निर्मल रहे, इसलिए डीएम ने गंगा किनारे बसे 30 गांव अफसरों को गोद दिए हैं।
डीएम ने खुद डिबाई ब्लॉक के गांव रवीनी कटीरी गोद लिया है। गोद लिए गांवों में संबंधित अफसरों को दिन में एक बार विजिट करनी होगी। डीएम शुभ्रा सक्सेना खुद दफ्तर का काम खत्म कर प्रत्येक गांव में पहुंचकर चौपाल लगाएंगी। बता दें कि गंगा किनारे बसे 30 गांवों में करीब 12 हजार घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जाना है।