नए खुलने वाले बैंक एकाउंट में प्रत्येक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने पर डीएम के सरकारी खाते में 10 रुपये डाले जाएंगे। केंद्र सरकार का यह आदेश बुलंदशहर समेत सूबे के 75 जिलाधिकारियों के पास आया है। यह कवायद कैशलेस व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मंशा से शुरू की गई है।
नोटबंदी के बाद कैशलेस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने की मंशा से प्रोत्साहन राशि जारी की जाएगी। यह व्यवस्था उन बैंक एकाउंटस पर लागू होगी, जो आठ नवंबर के बाद खोले गए हैं। नए एकाउंट होल्डर्स द्वारा इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैकिंग और ई-वॉलेट से ट्रांजक्शन करने पर डीएम के सरकारी खाते में 10-10 रुपये पहुंचेंगे।
डीएम इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग कैशलेस व्यवस्था के प्रचार पर करेेंगे। डीएम ने बताया कि शहर के मुख्य चौराहाें और मार्गों पर कैशलेस ट्रांजेक्शन के संबंध में होर्डिंग और बैनर लगाए जाएंगे। लोगों को कैशलैस के फायदे गिनाए जाएंगे।
खोले जाएंगे एकाउंट
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैकिंग सेवा से जोड़ने के लिए बैंक एकाउंट खुलवाए जाएंगे। बता दें कि जिले की आबादी करीब 38 लाख है। इनमें से महज 15.50 लाख लोगों के पास बैंक एकाउंट्स हैं। आबादी के अनुपात में बैंक एकाउंट्स कम हैं।
कैशलेस सिस्टम की दी जानकारी
कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी में सोमवार को वर्कशॉप में सीएससी द्वारा संचालित सेंटरों के माध्यम से लोगों को शिक्षित करने के लिए बीएलई को कैशलेस सिस्टम की जानकारी दी गई। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एमपी सिंह, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक गोयल ने इसमें सहयोग दिया।
कैशलेस पेमेंट पर व्यापारी पशोपेश में
नोटबंदी के बाद बाजार में चल रही परेशानी से निपटने के लिए ग्राहकों ने कैशलेस पेमेंट के लिए कमर कस ली है लेकिन अभी व्यापारी संकोच में हैं। ज्यादातर व्यापारी अपनी बिक्री को आनरिकार्ड लाने में हिचकिचा रहे हैं।
दरअसल थोक के कई बाजारों में बिना बिल के धंधा चल रहा है। किशन कुमार तायल, आलोक गर्ग, प्रदीप चौधरी, मनी अग्रवाल आदि व्यापारियों ने बताया कि कस्बे में कैशलेस का प्रचलन नहीं है।
कैशलेस से पहले व्यापारियों को इसमें आने वाली अड़चनों तथा बैकिंग सिस्टम में अतिरिक्त शुल्क की जानकारी लेनी होगी। इसके बाद ही व्यापारी कैशलेस हो पाएंगे। व्यापारी भी कैशलेस होना चाहते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें होने वाली आसानी को समझाना चाहिए।