बदलते वक्त के साथ हर चीज का अंदाज बदल गया। शादी-बारात के अलावा आयु पूरी कर चुके लोगों के निधन पर गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली शवयात्रा में अब डीजे का इस्तेमाल होने लगा है।
ऐसा ही देखने को मिला बीते दिन अनूपशहर में गांव सुनाई की रहने वाली 97 वर्षीया त्रिवेणी देवी की शवयात्रा में , जहां परिजन डीजे पर डांस करते हुए दिखाई दिए। इस शवयात्रा में महिलाएं भी शामिल हुईं।
सुनाई निवासी 97 वर्षीय त्रिवेणी देवी पत्नी देवदत्त शर्मा का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरा गांव पहुंच गया।
उन्होंने अपनी उम्र में बेटा, पोते-पोती और परपोते-परपोती तक को अपनी गोद मंे खिला लिया। आयु पूरी मानकर परिजनों ने धूमधाम से उनकी शवयात्रा निकाली।
अर्थी को शानदार तरीके से सजाया गया था और परिजन डीजे पर झूमते, रंग-गुलाल उड़ाते हुए गंगा किनारे उनका अंतिम संस्कार करने पहुंचे। खास बात यह रही कि गांव की महिलाएं भी शवयात्रा के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर बाहर तक शामिल हुई।
बताया जाता है कि त्रिवेणी देवी ग्रामीणों की चहेती थीं। त्रिवेणी देवी के एक बेटे 70 वर्षीय देवेंद्र शर्मा एडवोकेट और एक बेटी उर्मिला है। देवेंद्र शर्मा का कहना है कि हिंदू समाज में 80 वर्ष से ऊपर बुजुर्ग की शवयात्रा इसी तरह निकाली जाती है।
उन्होंने भी समाज की परपाटी के तहत अपनी मां की शवयात्रा धूमधाम से निकाली है। इसी तरह की बात हिंदू समाज के अन्य लोग भी मानते हैं कि बुजुर्ग की शवयात्रा इसी तरह निकाली जाती है। यह कोई नई परंपरा नहीं है।