बुलंदशहर। नरौरा थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले गंगनहर में मिली साढ़े तीन वर्षीय मासूम दिव्यांशी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बच्ची से छुटकारा पाने और विरोधियों को फंसाने के लिए दिव्यांशी की मां सीमा और उसके प्रेमी यतेंद्र ने मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी और शव नहर में फेंक दिया था। इसके बाद आरोपियों ने विरोधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
नरौरा थाना क्षेत्र में पीएलजीसी नहर में बीते बुधवार को चार साल की मासूम बच्ची का शव मिला था। मछली पकड़ने गए मछुआरों ने नहर में शव देखकर उसे वहीं रेती में दबा दिया था। जब गांव में चर्चा हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव की पहचान दिव्यांशी निवासी मोहल्ला गढ़ीवाला थाना अहमदगढ़ के रूप में हुई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सामने से आया कि मृतका की मां सीमा ने एक अक्टूबर 2025 को थाने में तहरीर दी थी कि ललतेश और अन्य लोगों ने उसकी साढ़े तीन साल की बेटी दिव्यांशी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी है। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस को जांच में नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने जब गहराई से छानबीन की तो सामने आया कि सीमा और उसका प्रेमी यतेंद्र निवासी गांव अजीजाबाद थाना पहासू ही इस वारदात के पीछे हैं। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसका पति पहले ही गुजर चुका था। वह अब यतेंद्र के साथ रह रही थी। उसके तीन बेटे और एक बेटी थी। तीनों बेटे बड़े थे लेकिन दिव्यांशी छोटी थी। वह उससे छुटकारा पाना चाहती थी। कस्बा अहमदगढ़ की एक महिला ललतेश और अन्य लोगों से उसका और यतेंद्र का विवाद चल रहा था। इसलिए दोनों ने मिलकर दिव्यांशी की हत्या की साजिश रची।
मां को सख्त सजा देने की मांग
मामला खुलने के बाद ग्रामीण और आसपास के लोगों ने दिव्यांशी की मां को सख्त सजा देने की मांग की। लोगों ने कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए उसे मौत की सजा दी जानी चाहिए। दुनिया में बच्चा सबसे ज्यादा सुरक्षित मां की गोद में होता है लेकिन जब मां ही इस तरह की घिनौनी हरकत करेगी तो लोगों का इस रिश्ते से भी विश्वास उठ जाएगा।
कोट
- मामले की विवेचना में शुरू से ही संदेह था। गहनता से जांच करने पर सच्चाई सामने आई और मासूम की हत्या करने वाले असली आरोपी पकड़े गए। मामले में फर्जी तहरीर देने और निर्दोषों को फंसाने की कोशिश के लिए भी कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. तेजवीर सिंह, एसपी देहात