अपने हक की लड़ाई में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां दो गुटों में बंट गई हैं। इससे लग रहा है कि मांग पूरी होने से पहले ही आंदोलन दम तोड़ देगा। वहीं दोनों गुट अपना-अपना वर्चस्व दिखाने की होड़ में लगे हुए हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं मानदेय वृद्धि, राज्यकर्मियों की तरह सुविधाएं और वेतन आदि की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से धरने पर हैं।
धरना महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश और अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के बैनर तले चल रहा है। मगर, दोनों संघों के नेता अपना-अपना वर्चस्व दिखाने की होड़ में दो गुटों में बंट गए। यह शनिवार को उस समय देखने को मिला जब राजेबाबू पार्क में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अलग-अलग जगह पर धरना देकर बैठी दिखीं।
मगर, एक गुट की जिलाध्यक्ष सावित्री देवी ने गुटबाजी से इनकार किया है। धरने में बुलंदशहर ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने भागीदारी की। इस दौरान मुकेश ठाकुर, रामनिवास यादव, विनोद कुमार सक्सेना, प्रेमवती चौहान, जयचंद सिंह, उमा बंसल, सुधा देवी आदि शामिल रहे।
जहांगीराबाद में ब्लॉक अध्यक्ष विजयराजे सिंधिया के नेतृत्व में नगर के सभी प्रमुख बाजारों मे विरोध प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। अनूपशहर बाईपास स्थित नेहरू चौक पर पुलिस को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर शिव, सरला, राजरानी, रेखा, रजनी, नीतू, कुसुम, सीमा, अंजू, ऊषा, पंकज गीता आदि मौजूद रहीं।