अपने हक की लड़ाई में आंगनबाड़ी कार्यकत्री दो गुटों में बंट गई है। एक गुट ने शासन से आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त कर दिया है तो दूसरा गुट लिखित में जवाब देने की मांग पर अड़ा है। दूसरे गुट ने धरना जारी रखते हुए अक्तूबर माह से जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। अपनी 11 सुत्रीय मांगों के लिए आंगनबाड़ी व सहायिकाएं लगातार धरना-प्रदर्शन कर रही है।
अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के बैनर तले बृहस्पतिवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। मगर, उत्तर प्रदेश राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष शशिबाला भारती ने पत्र जारी कर दावा किया है कि मांगों पर शासन से वार्ता हो गई है और उनकी मांगों को चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने का भी आश्वासन दिया गया है। इसके चलते धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया है।
वहीं महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उप्र की अध्यक्ष शशी प्रभा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शासनादेश जारी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा की प्रदेशाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष सावित्री चौधरी का कहना है कि वह लिखित में जवाब न मिलने तक धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द शासन की ओर से कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया तो 2 अक्तूबर के बाद से जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं बीबीनगर में अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा की बीबीनगर ब्लॉक अध्यक्षा बबीता शर्मा ने कहा कि यदि शासन ने उनकी 11 सूत्रीय मांगों पर जल्द फैसला नही लिया तो दो अक्तूबर से जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
प्रर्दशनकारियों में सुमन, डिंपल, सुषमा, मंजू, नीरज और नाजिम शामिल रहीं। वहीं खुर्जा में ब्लॉक परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए कार्यकत्रियों ने शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नवनीत, सुनीता, विरमा, प्रीती चौहान, यशोदा शर्मा, सरला देवी आदि रहीं।