बुलंदशहर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में बीते कई दिनों से चल रहे विवाद के बाद मंगलवार को बार पदाधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अभद्र व्यवहार करने और बार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में अधिवक्ता दंपती को बार से निष्कासित कर दिया है। साथ ही उनका पंजीकरण निरस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को भी पत्र भेजा है। आरोप है कि दंपती द्वारा व्हाट्सएप पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के नाम से ग्रुप बनाकर पदाधिकारियों पर अभद्र टिप्पणी की जाती है।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने बताया कि बार में अधिवक्ता अनुराग चौधरी व उनकी पत्नी विनती चौधरी भी पंजीकृत सदस्य हैं। आरोप है कि दोनों अधिवक्ताओं के द्वारा बीते कुछ दिनों से बार के पदाधिकारियों से लगातार अभद्रता की जा रही थी। बार की विभिन्न बैठकों में भी दोनों अधिवक्ताओं के द्वारा अध्यक्ष व सचिव से आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता की गई। इसके लिए उन्हें कई बार चेतावनी भी दी गई थी लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे।
बीते दिनों दंपती अधिवक्ता के द्वारा बार के नाम से संचालित किए जा रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप को भी बंद करने के निर्देश दिए गए लेकिन आरोपियों के द्वारा ऐसा नहीं किया गया और पदाधिकारियों के खिलाफ उक्त ग्रुप पर लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मानहानि की जा रही है। साथ ही बार के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए गए, जो कि बेबुनियादी हैं। बार के द्वारा निर्माण कराए जा रहे हॉल के गेट पर बार बार आरोपियों के द्वारा अपना ताला लगाकर कार्य बाधित किया जा रहा है। बार के ताले को तोड़कर अपना ताला लगा दिया जाता है। जिसका विरोध करने पर आरोपियों के द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। ऐसे में अब मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की आम सभा आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से आरोपी अधिवक्ता अनुराग चौधरी और विनती चौधरी की सदस्यता को बार से सदैव के लिए निष्कासित कर दिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को आरोपी अधिवक्ताओं के पंजीकरण प्रमाण पत्रों को जल्द से जल्द रद्द करने के लिए अनुशंसा पत्र भेजा गया है।
अनुराग चौधरी ने बार पदाधिकारियों पर लगाए आरोप
अधिवक्ता अनुराग चौधरी ने आरोप लगाया है कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिव के द्वारा कूट दस्तावेज को रचित कर बार की संपत्ति का अवैध रूप से निजी हित के लिए आवंटन किया गया, जो कानूनन गलत है। गत 26 अक्तूबर को छुट्टी के दिन इनके द्वारा कोई न तो आम सभा का आयोजन किया गया और न ही कोई प्रस्ताव पास हुआ। बार के सचिव पवन कुमार निम द्वारा गत 27 सितंबर को अधिवक्ता विनती चौधरी के लिए अमर्यादित टिप्पणी लिखी गई थी। जिसकी एसएसपी से शिकायत की गई है, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।