एक तरफ ट्रिपल तलाक पर देश की सियासत गरमाई हुई है। वहीं आए दिन पत्नी को तीन बार तलाक कहकर खुद से अलग करने के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में पांच बच्चों की मां को पति के खिलाफ उत्पीड़न की कोतवाली में शिकायत करना भारी पड़ गया। पति ने पत्नी से तलाक, तलाक, तलाक कहकर खुद को अलग कर लिया।
उलेमाओं ने भी पति-पत्नी के बीच हुए तलाक पर मोहर लगा दी। अब पीड़िता न्याय के लिए पीड़िता कोतवाली के चक्कर लगा रही है। जानकारी के अनुसार खुर्जा निवासी महिला का निकाह 21 साल पहले नगर के चौधरीबाड़ा निवासी युवक के साथ हुआ था। निकाह के बाद युवक परिवार के साथ सलेमपुर रोड पर रहने लगा।
उसके पांच बच्चे हैं। बड़ी बेटी की उम्र करीब 18 साल है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि छोटी-छोटी बातों को लेकर पति उसे प्रताड़ित करता रहता है। उसकी शिकायत करने पर पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया था। बाद में पति के आगे से परेशान नहीं करने के आश्वासन दोनों में समझौता हो गया था।
महिला ने बताया कि जैसे ही पति घर पहुंचा तो उसने तलाक, तलाक, तलाक, बोलकर उससे अपना रिश्ता समाप्त कर दिया। बताया कि जब उसने इस बारे में उलेमाओं से फतवा लिया तो उलेमाओं ने बताया कि उनका तलाक हो चुका है। अब पीड़िता अपने पांच बच्चों के साथ भाई के पास रह रही है।
शरीयत के मुताबिक तलाक हो चुका है लेकिन तरीका गलत है। अगर किसी को अपनी बीवी को तलाक देना है, तो केवल एक बार तलाक कहे और लगभग तीन माह की अवधि में अगर वह समझौता कर लेते हैं, तो तलाक समाप्त हो जाता है। एक तलाक देने पर दोबारा निकाह करने के लिए औरत को हलाला नहीं करना पड़ता। मौलाना अब्दुल वली- सदस्य जमियत उलेमा-ए-हिन्द
तलाक का मामला पर्सनल ला से संबंधित है। पुलिस इस मामले में अब कुछ नहीं कर सकती है। कोर्ट ही अब कार्रवाई कर सकता है। शैलेश त्यागी-एसएसआई
मेरे ऊपर पांच बच्चों को पालने की जिम्मेदारी आ गई है। कमाने का कोई जरिया भी नहीं है। मुझे इंसाफ चाहिए। पीड़ित महिला