दिपांकर महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि जिस देश में भक्ति के लिए हनुमान हैं और मर्यादा के लिए राम, निति के लिए कृष्ण और संघार के लिए रुद्र हैं। उस देश में हिंदुओं को दबाकर कोई नहीं रह सकेगा। बुलंदशहर, खुर्जा या हिंदुस्तान का कोई क्षेत्र हो, हिंदू एक था, एक है और रहेगा। पहलगाम घटना पर टिप्पणी कर कहा कि मृतकों की जाति नहीं जानी केवल धर्म पूछा और कलमा पढ़ना आता नहीं तो गोली मार दी।
साथ ही जाति भेदभाव छोड़ एकजुट होने की अपील कही। अपने लिए न सही अपने बच्चों के लिए एक होना पड़ेगा। कहा कि मुझे आटा, चीनी, दाल पैसे की भीख नहीं चाहिए। पल्ला फैलाकर कहता हैं मुझे अपने हिंदू होने की भिक्षा दो, हिंदू एकता चाहिए। जो सबसे पीछे खड़ा है, हाथ उठाकर खड़ा है। इसलिए हिंदू साथ है और हिंदू सबसे बड़ा है। इस पूरे पंडाल में जय श्रीराम के नारे गूंज उठे।
उदाहरण दिया अमेरिका में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार तुलसी गबार्ड, यूके पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक कहते हैं हिंदू होने पर गर्व है। स्वामी विवेकानंद हिंदू होने पर गर्व है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिजारी वाजपेयी ने कहा है कि हिंदू तन मन हिंदू जीवन रग रग हिंदू। बांग्लादेश हिंसा पर दुख जताया और हिंदुओं की हो रही मौत पर लोगों को जागने के लिए कहा। लव जिहाद पर टिप्पणी कर लड़कियों को जागरूक करने को कहा।
मुख्य वक्ता श्री गुणवंत कोठारी ने कहा कि हिंदू समाज कोई पंथ नहीं, बल्कि एक जीवन-दृष्टि है, जिसने विश्व को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज को संगठित करना है। संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की यात्रा करता है।
'बेटियों को सुनाएं रानी लक्ष्मीबाई और रानी पद्मिनी की कहानी'
वक्ता डॉ. आयुषी राणा ने कहा कि हमारे यंहो लोपा, मुद्रा, अपाला, घोषा जैसी बेटी होती थी। रानी पद्मिनी पर चर्चा कर कहा कि उन्होंने 16 हजार महिलाओं के साथ जोहर किया। इतना बड़ा और बहुसंख्या समाज हिंदू है, लेकिन विडंबना है कि हमने अपनी बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई और रानी पद्मिनी की कहानी सुनानी बंद कर दी। इसलिए लव जिहाद में हमारी बेटी जा रहीं हैं। विचार कीजिए रानी पद्मिनी का स्वाभिमान उन्होंने खिलजी को शीशे के प्रतिबिंब भी दिखान स्वीकार नहीं किया। इसके बाद शौर्य कविताओं से वीरांगनाओं के बलिदान का परिचय दिया। पंच परिवर्तन, समाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य आज के युग के लिए आवश्यक हैं। यदि हिन्दू समाज जागृत, संगठित और चरित्रवान बनेगा, तो भारत फिर विश्वगुरु बनेगा।
विधायक मीनाक्षी सिंह, विद्या भारती के क्षेत्रीय अध्यक्ष मनवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख मोनिका सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अंजना सिंघल, पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजीव बंसल, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत परावर्तन प्रमुख सुनील सोलंकी, आरएसएस से राजवीर सिंह, उमेश, सरवचन, विनोद पहलवान, रंजना सिंह, डॉ. पूनम सिंह, राम दिवाकर, प्रधानाचार्य प्रभात गुप्ता आदि मौजूद रहे।