फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bulandshahar News: 36 साल पुराने आयुर्वेदिक अस्पताल की जर्जर दीवार ढही, डॉक्टर और नर्स ने भागकर बचाई जान

विज्ञापन
अनूपशहर में गंगा देवी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की गिरी दीवार को देखती चिकित्सव व कर्मचारी। 
विज्ञापन
अनूपशहर। गंगा देवी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा बाल-बाल बच गया। मरीजों को देखते समय अस्पताल के कमरे की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि वहां मौजूद महिला डॉक्टर, स्टाफ नर्स और वार्ड आया ने समय रहते बाहर भागकर अपनी जान बचा ली। हादसे के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
विज्ञापन

अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे वह स्टाफ नर्स रश्मि लता के साथ ओपीडी कमरे में बैठकर मरीजों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान अचानक कमरे की एक दीवार भरभराकर ढह गई। दीवार गिरती देख दोनों ने तुरंत बाहर की ओर दौड़ लगा दी। वहीं पास के कमरे में मरीजों को दवा बांट रहीं वार्ड आया कमलेश कुमारी भी बाल-बाल बचीं। अस्पताल प्रभारी डॉ. गोपाल सिंह ने बताया कि बुलंदशहर के अंसारी रोड निवासी विश्वनाथ कौशिक वैद्य ने 1990 में तत्कालीन अधिकारी की प्रेरणा से यह जमीन दान दी थी। इसके बाद 1991 से यहां अस्पताल का संचालन शुरू हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार प्रिया सिंह ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त ढांचे का मुआयना किया। अस्पताल प्रभारी का कहना है कि भवन की जर्जर हालत को लेकर पिछले 13 वर्षों से लगातार उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अब यह ढांचा इतना खतरनाक हो चुका है कि अंदर बैठना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो स्टाफ खुले परिसर में बैठकर मरीजों का इलाज करने को मजबूर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें