डीजल के रेट और मौसम ने बिगाड़ा बागवानों का ‘स्वाद’
बुगरासी। कोरोना के चलते बगान किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। मंडियों में रेट नहीं मिल रहा जबकि, भाड़ा पहले से भी ज्यादा देना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर मौसम की मार से भी आम के बागवानों की कमर तोड़ के रख दी है।
फलों के राजा आम को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इस वर्ष सभी सब्जी सहित फलों में किसान और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश नहीं होने आए आम में फुलाव भी नहीं आया है, जिससे आम का साइज अन्य वर्षों के अपेक्षाकृ त छोटा है। बारिश नहीं होने से आम का स्वाद भी कुछ कम ही रहता है। बागवानों को मौसम की परेशानी पहले ही थी और अब कोरोना के चलते भारी नुकसान हो रहा है। मंडियों में आम का रेट नहीं मिल पा रहा और भाड़ा भी डीजल के रेट बढ़ने के चलते पहले से ज्यादा आ रहा है। बीमारी से फसल को बचाने के लिए भी महंगी दवा पर भी बागवानों को खर्चा करना पड़ रहा है। बागवानों के अनुसार इस वर्ष आम में भारी नुकसान होने की संभावना है।
बोले बागवान
बड़ी मंडी में जो आम 25 रुपये किलो बिकता था इस बार मात्र 12 रुपये किलो तक बिक रहा है। शुरुआत में ही रेट कम है। जैसे ही मंडी में आम अधिक पहुंचेगा तो और भी अधिक रेट गिरने की उम्मीद है, जिससे बागवानों को नुकसान होगा। - प्रदीप त्यागी
कोरोना के चलते लोग बाहर की हर चीज खाने से बच रहे हैं। बड़े शहरों में जब आम जाता है तो लोग कोरोना आदि के भय से भी आम कम खरीद रहे हैं। जिससे आम की फसल में नुकसान है। -दीपक त्यागी
कोरोना के चलते बड़ी संख्या में लोगों के काम ठप हुए हैं। पैसा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोग केवल घर का खर्च ही चला पा रहे हैं। बेसिक खाद्य सामग्री के अतिरिक्त लोग अन्य वस्तु भी नहीं खरीद रहे। जिससे आम की बिक्त्रस्ी बहुत कम है। -शानू खान