धनौरा हत्याकांड : प्रधानी का दिया था लालच, गुजरात में बैठ कर लिखी पटकथा
बुलंदशहर। धनौरा हत्याकांड में पुलिस की जांच में कई अहम तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक तथ्य यह भी सामने आ रहा है कि अमित ने जेल में रहकर अपना बदला पूरा कराने के लिए गांव के ही अपने साथी हरेंद्र को प्रधान बनाने का लालच दिया। उसे अपना बिजनेस स्थापित कराने के लिए एक मोटी रकम भी अपने रिश्तेदार से दिलवाई। जिसके एवज में हरेंद्र ने गुजरात में प्रॉपर्टी का व्यवसाय कुछ माह पूर्व ही शुरू किया और अब वादे के अनुसार अमित को शूटर उपलब्ध कराकर धनौरा में वारदात को अंजाम दे डाला।
धनौरा में बीते रविवार को धर्मपाल पक्ष पर पुलिस अभिरक्षा में हुए हमले की पटकथा कई माह पूर्व ही रच ली गई थी। जिसे अब अंजाम तक पहुंचाया गया। वारदात में धर्मपाल के पुत्र संदीप की गोली लगने से मौत हुई। जबकि, धर्मपाल, उनका गनर विश्वेंद्र गंभीर रुप से घायल हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में जिला कारागार में बंद गांव निवासी आरोपी अमित, आगरा जेल में बंद उसके पिता, गांव निवासी हरेंद्र और अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी सामने आया कि अमित ने जेल में बैठे हुए ही वारदात को अंजाम तक पहुंचाया है। पुलिस मामले में नामजद आरोपी हरेंद्र निवासी धनौरा को तीन दिन पूर्व गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन, अभी तक पुलिस ने वारदात का राजफाश नहीं किया है। हालांकि, सामने आया है कि अमित ने कुछ माह पूर्व हरेंद्र से बातचीत की थी। उसने हरेंद्र को गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ाने और जीत दिलाने का आश्वासन दिया था। साथ ही उसका व्यापार स्थापित कराने के लिए अमित ने ही अपने एक रिश्तेदार से आरोपी हरेंद्र को भारी भरकम रकम भी मुहैया कराई थी। जिस रकम से आरोपी हरेंद्र ने गुजरात में अपना एक आलीशान कार्यालय बनाया और वहीं अपना प्रॉपर्टी का बिजनेस स्थापित कर दिया। आरोप है कि इसके एवज में अमित ने हरेंद्र से गांव निवासी धर्मपाल और उसके परिवार की हत्या करने की शर्त रखी थी। बताया गया कि हरेंद्र इस बात पर राजी हो गया और गुजरात में बीते दो माह के दौरान उसने अमित के लिए विभिन्न स्थानों से कुछ शूटर ढूंढे। साथ ही वारदात से पूर्व गांव में आया और वारदात को अंजाम देने के लिए साजिश रच कर रविवार को वारदात को अंजाम दे दिया। इसके बाद हरेंद्र गांव से भाग निकला था। जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी।
अमित के प्रभाव और डर से कोई नहीं लड़ रहा था चुनाव
बताया गया कि अमित ने अपने साथी हरेंद्र को चुनाव जिताने के लिए हरसंभव कोशिश शुरू कर दी थी। जेल में बैठे - बैठे ही उसने गांव में अपनी धमक जमानी शुरू की। चुनाव की तैयारी कर रहे लोगाें को डराया गया। बताया गया कि गांव में जो लोग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे और पोस्टर आदि चस्पा करा रहे थे। उन्होंने हरेंद्र पर अमित का हाथ होने की सूचना मिलते ही अपने पोस्टर हटवा लिए और चुनाव से मुंह मोड़ लिया।
जेल से ही हर पल की जानकारी कर रहा था अमित
बताया गया कि अमित जेल में रहकर ही विभिन्न माध्यमों से गांव के चुनाव और वारदात की रणनीति बना रहा था। साथ ही हरेंद्र और अन्य शूटर्स को भी उसने वारदात को किस तरह अंजाम देना है, यह बताया था।
जल्द पकड़ में आ सकते हैं शूूटर
पुलिस वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की धरपकड़ के लिए विभिन्न जनपदों-गैर राज्यों में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को हालांकि, कुछ अहम पुख्ता जानकारी भी मिली है। हालांकि, जब तक सभी आरोपियों को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक पुलिस कुछ भी बताने से बच रही है।
मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपी हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिससे पूछताछ के बाद काफी अहम जानकारियां भी मिली हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर राजफाश कर दिया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी