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Bulandshahar News: अधूरी रह गई कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे शिवभक्त

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गुलावठी से अपने पिता को कांवड़ में बैठाकर ले जाते ​शिवभक्त। संवाद
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बुलंदशहर। शिवरात्रि में अब महज तीन दिन शेष हैं। ऐसे में जनपद से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आवागमन प्रतिदिन बढ़ रहा है। ऐसे में जनपद से गुजर रहे शिवभक्तों की कांवड़ यात्रा केवल आस्था तक सीमित नहीं है। कोई अधूरी रह गई कांवड़ पूरी करने निकला है, कोई दादी की स्मृति में कांवड़ ला रहा है। एक बोर्ड परीक्षा में सफलता की कामना लेकर बाबा के दरबार पहुंचे हैं।
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इन्हीं शिवभक्तों में अलीगढ़ निवासी 22 वर्षीय मनीष भी शामिल हैं। वह इस वर्ष अपनी अधूरी रह गई कांवड़ यात्रा को पूरा करने के संकल्प के साथ निकले हैं। मनीष ने बताया कि पिछली बार 2025 में चाचा के निधन के कारण उन्हें 180 किलोमीटर बाद यात्रा छोड़नी पड़ी थी। इस वर्ष वह परिवार की सुख-शांति और खुशहाली के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद मांग रहे हैं।
हाथरस के 15 वर्षीय विशाल कक्षा नौ के छात्र हैं। वह अगले वर्ष की बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों के लिए कांवड़ ला रहे हैं। वहीं, खुर्जा के 16 वर्षीय आशीष कक्षा 10 के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने गांव के युवाओं के साथ कांवड़ यात्रा पर आए हैं। उन्होंने भगवान शिव से बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने की प्रार्थना की है।
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दादी की स्मृति में कांवड़
खुर्जा के अंकित इस वर्ष अपनी दादी की स्मृति में 31 लीटर जल के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। बचपन में पिता के देहांत और माता के वापस घर लौटने के बाद दादी ने ही उन्हें पाला-पोसा था। 2018 में दादी का निधन हो गया था। छोटी उम्र के कारण तब वे कांवड़ यात्रा नहीं कर सके थे। अब परिवार की मंजूरी से यह संकल्प पूरा कर रहे हैं।
पति-पत्नी साथ ला रहे कांवड़
अलीगढ़ के पिंटू राजपूत और उनकी पत्नी मीना पहली बार साथ में कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। वे दो अगस्त को हरिद्वार से रवाना हुए थे। दोनों की लंबे समय से एक साथ कांवड़ लाने की इच्छा थी। इस वर्ष मनोकामना पूरी होने पर उन्होंने यह यात्रा शुरू की। वे भगवान शिव के आशीर्वाद से यात्रा पूरी होने और परिवार में सुख-शांति की कामना कर रहे हैं। राजस्थान के धौलपुर के गोपाल और राजू 51 लीटर गंगाजल के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। वे 28 जुलाई को हरिद्वार से चले थे और परिवार की कुशल-मंगल की कामना कर रहे हैं।
गुलावठी से होकर गुजर रहे सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव अंधेल निवासी सोनू अपने 80 वर्षीय पिता हरकेश कुमार को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गांव लेकर आ रहे हैं। इस यात्रा में उनके साथ भतीजे अतुल भी शामिल हैं। सोनू ने बताया कि उनके पिता की लंबे समय से इच्छा थी कि वह कांवड़ यात्रा करें। उम्र अधिक होने के कारण उनके लिए पैदल यात्रा करना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने पिता को कांवड़ में बैठाकर यात्रा कराने का संकल्प लिया।
सोनू ने बताया कि वह प्रतिदिन करीब 20 से 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। यात्रा के दौरान जहां-जहां से वह गुजर रहे हैं, वहां लोग उनके इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। कई स्थानों पर उनका सम्मान भी किया गया है।
शिवभक्तों को पुलिसकर्मियों ने वितरित किए फल
नगर में हापुड़-बुलंदशहर कांवड़ मार्ग पर शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा करते हुए फल, पानी, शिकंजी और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की। धौलाना स्टैंड, शहीद स्मारक और मिट्ठेपुर चौकी सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों ने कांवड़ियों का स्वागत कर उन्हें जलपान कराया।
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गुलावठी से अपने पिता को कांवड़ में बैठाकर ले जाते शिवभक्त। संवाद

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