बरसों से जनसुविधाओं की किल्लत से जूझ रहीं सीमावर्ती क्षेत्र में बनी 10 कालोनियां जल्द ही सिकंदराबाद नगर पालिका की सीमा में में शामिल कर ली जाएंगी। शासन तक मामला पहुंचने पर इसे पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने की कवायद शुरू हो गई है।
शासन ने डीएम से लोगाें की आपत्तियां मांग कर उनका निस्तारण करने का आदेश दिया है। आपत्तियों के शत-प्रतिशत निस्तारण के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को जाएगी जहां से नगर पालिका क्षेत्र का सीमा विस्तार का गजट जारी होगा।
सिकंदराबाद नगर पालिका क्षेत्र से सटी 10 कालोनियों में बिजली पानी और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। चिंहित कालोनियों में सड़क और खड़ंजों की हालत भी जर्जर है। यहां बारिश के मौसम में आबादी कीचड़ और तालाब में तब्दील हो जाती है। स्वच्छ पेयजल की सुविधा से लोग वंचित हैं।
कुल मिलाकर यहां रहने वाले कम से कम एक लाख लोग सामान्य जनसुविधाओं संबंधी परेशानी झेल रहे हैं। यह कालोनियां शहरी क्षेत्र में हैं लेकिन कागजों में यह पालिका के सीमा क्षेत्र से बाहर हैं। पालिकाक्षेत्र में न आने के कारण यहां विकास कार्य पालिका नहीं करा सकती।
नगर निकाय के उप सचिव ने डीएम शुभ्रा सक्सेना को आपत्तियां सुनने का आदेश दिया है। डीएम आपत्तियां सुनेंगी और निस्तारण के बाद शासन को गजट के लिए रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
ये कालोनियां होंगी शामिल
सिकंदराबाद देहात, देवी मंदिर कालोनी, शिवनगर, गोरखी नई बस्ती, इस्लामनगर, पुराना खुर्जा रोड, ककोड़ रोड वाली बस्ती और टीचर्स कालोनी आदि
यह सुविधाए होंगी बहाल
स्वच्छ पेयजल सप्लाई, भरपूर बिजली सप्लाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था, सड़क आदि बनने से लोगों को फायदा होगा।