हर एक गांव में प्रति वर्ष विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था पर खर्च के लिए कम से कम 26 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस धनराशि का बड़ा भाग गांव में सफाई व्यवस्था पर खर्च होगा। इस हिसाब से पांच साल में प्रत्येक गांव में करीब 1.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जनपद में ग्राम पंचायतों की संख्या 951 हैं। जिले के अधिकांश गांव विकास और सफाई व्यवस्था के मामले में पिछड़े हुए हैं। विकास और साफ-सफाई को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रत्येक गांव को कम से कम 26 लाख रुपये देने की व्यवस्था की है।
इस रकम का बड़ा हिस्सा गांव में साफ सफाई पर खर्च किया जाएगा। नाली, सड़क, खड़ंजा, सामुदायिक केंद्र और पंचायत घर का निर्माण भी कराया जाएगा। इस संबंध में डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि धन का आवंटन तीन या चार किस्तों में होगा। अगली किस्त पुराना काम पूरा होने के बाद मिलेगी।
गंगा किनारे 30 गांवों में लगेंगे डस्टबिन
गंगा किनारे बसे 30 गांवों में डस्ट बिन की व्यवस्था की जाएगी। डस्ट बिन लगने के बाद यदि कोई ग्रामीण खुले में कचरा फेंकता मिला तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। 30 गांवों को कवर करने के बाद जिले के सभी गांवों में डस्ट बिन लगाए जाएंगे।
गंगा के दोनों किनारों पर 30 गांव बसे हुए हैं। डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि डस्टबिन लगाने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। पहले गंगा किनारे वाले गांवों को कवर किया जाएगा।