बुलंदशहर/सिकंदराबाद/शिकारपुर। दो हजार रुपये के नोट का प्रचलन बंद हो जाने पर शनिवार को खाताधारक बैंक में रुपये जमा करने पहुंचे। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 30 सितंबर तक नोट जमा व बदलने का समय दिया गया है। नोटबंदी के खौफ से लोगों ने घर और प्रतिष्ठान पर रखे दो हजार रुपये के नोटों को खाता में जमा करना शुरू कर दिया है। शनिवार को जिलेभर के बैंकों में करीब 20 करोड़ रुपये (दो हजार रुपये के नोट) खाते में जमा किए।
शुक्रवार को आरबीआई द्वारा दो हजार रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने का फैसला लिया। साथ ही जिन लोगों के पास दो हजार रुपये के नोट रखे हैं, उन्हें बैंक खाते में जमा करने या इन्हें बदलकर छोटे नोट लेने का निर्देश जारी किया। बैंक खाते में जमा कराने के लिए कोई सीमा न होने पर शनिवार से लोगों ने बैंक में जाकर दो हजार रुपये के नोट जमा करने शुरू कर दिए। नगर समेत जिलेभर की राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में शनिवार को खाता धारकों की लाइन लगी रही। सभी शाखाओं में शाम तक करीब 20 करोड़ रुपये जमा किए गए। ये धनराशि दो हजार रुपये के नोटों की है। इसके अलावा अन्य लेनदेन भी हुआ। वहीं, अकेले नगर के यमुनापुरम शाखा में दो हजार रुपये के नोट को लेकर खाता धारकों द्वारा 54 लाख रुपये खाते में जमा किए।
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दो हजार का नोट बंद करना एक अच्छा कदम
शिकारपुर में शनिवार को उद्योग व्यापार मंडल भारत के नगर अध्यक्ष वीरेंद्र गर्ग के आवास पर कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष पुरुषोत्तम वाटिका वार्ष्णेय ने कहा कि दो हजार रुपये का नोट बंद करने का फैसला सराहनीय कदम है। संजीव कुमार गर्ग ने कहा कि काफी दिनों से दो हजार रुपये का नोट काफी कम प्रचलन में था। जिसे जमाखोरों ने अपने पास जमा कर रखा था। दो हजार रुपये का नोट बंद करने से अब जमाखोरों का पैसा बाजार में आएगा। बैठक में यश सिंघल, मोहित शर्मा, नमन जैन, फिरोज आलम, मनोज कुमार, लखन गोयल व सचिन शर्मा आदि मौजूद रहे।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अभिषेक गुप्ता ने कहा कि दो हजार रुपये का नोट चलन से बाहर होने पर शनिवार को लोगों ने बैंकों में आकर दो हजार रुपये के नोट खाते में जमा किए। शनिवार को जिलेभर के बैंकों में करीब 20 करोड़ रुपये की धनराशि दो हजार के नोटों के रूप में जमा की गई। इसको देखते हुए सभी बैंक प्रबंधकों को सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। फिलहाल दो हजार रुपये के नोट बैंक में जमा किए जाएंगे।