इस पर शिकारपुर-बदायूं मार्ग, बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग और बुलंदशहर-स्याना मार्ग पर कट दिया जाए, ताकि जिले के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने हाईवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा भी बढ़ाकर देने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा हुआ तो किसान अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे। उन्होंने बताया कि उनकी एक मांग यह भी है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को जो बिल प्राप्त हुए हैं। उनको माफ किया जाए, क्योंकि यह बिल गलत बनाए गए हैं।
इसके लिए जिला प्रशासन व ऊर्जा निगम को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने चकबंदी विभाग में किसानों को परेशान करने समेत कई तरह के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही विभाग में सुधार करने और किसानों की समस्याओं को दूर करने की मांग की। इस दौरान चंचल शर्मा, संगीता सिंह, पनमेश्वरी चौधरी, एनसीआर अध्यख नरेश प्रधान, बंटी लोधी, पुष्पेंद्र यादव, मिथलेश शास्त्री, डा. रविंद्र पाठक, योगेश भाटी, हर्ष शर्मा और मोनू शर्मा आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।